सिंगूर (पूश्चिम बंगाल)। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में किसानों की भूमि लौटाने को एक नया जीवन दान करार दिया जबकि सरदार सरोवर बांध मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “मैं नर्मदा जल सत्याग्रह से आई हूं जहां मोदी सरकार 244 गांवों एवं एक शहर की हत्या कर रही है। हम लोग सांप्रदायिक हिंसा के नए रूप को लगातार चुनौती दे रहे हैं जिसके निशाने पर वे हैं जो अपनी आजीविका प्रकृति से और कठिन काम करके अर्जित करते हैं। चाहे वह नर्मदा हो या सिंगूर यह सांप्रदायिकता का नया रूप है।

मध्य प्रदेश में नर्मदा जल सत्याग्रह सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के विरोध में है जिसके परिणाम स्वरूप गांव तबाह हो रहे हैं। पाटकर ने भूमि अधिकार संघर्ष में शामिल होने के लिए वामपंथियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी चीज है कि वे लोग अब भूमि पर अधिकार के संघर्ष में शामिल हो गए हैं। यह भी पढ़े-मोदी, सोनिया ने स्वर्ण पदक जीतने पर देवेंद्र को दी बधाई

खेती से जुड़े समुदाय के अधिकारों का समर्थन करते हुए पाटकर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपना वादा पूरा करने के लिए जमकर सराहना की।