नई दिल्ली: केंद्र सरकार सिविल सेवा परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को सेवाओं के आवंटन में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्मिक मंत्रालय से इस बारे में  पूछा है  कि क्या फाउंडेशन कोर्स पूरा होने के बाद सेवा / कैडर का आवंटन किया जा सकता है.  वहीं, कांग्रेस ने यूपीएससी में रैंक की बजाय फाउंडेशन कोर्स के नंबरों के आधार पर कैडर आवंटित किए जाने की सरकार की योजना की आलोचना की  हैै. कांग्रेस ने कहा कि सरकार का यह कदम सिविल सेवा मेरिट को बर्बाद कर देगा.

बता दें कि सभी सेवाओं के अधिकारियों के लिए फाउंडेशन कोर्स की अवधि तीन महीने है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”मोदी जी एक ऐसा खतरनाक प्रस्ताव सामने लाए हैं, जो अखिल भारतीय सिविल सेवा की मेरिट को ही खत्म कर देगा”. उन्होंने कहा, ”मोदी का मतलब ‘मेन ऑब्जेक्टिव टू डिस्ट्रॉय इंस्टीट्यूशंस’ है”.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि इस प्रस्तावित कदम को स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे ओबीसी, दलित और आदिवासी पृष्ठभूमि के सफल अभ्यर्थियों को पहले की तरह अवसर नहीं मिल पाएंगे. पटेल ने सवाल किया कि क्या यह आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर करने का एक और प्रयास नहीं है?

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में चुने गए उम्मीदवारों को सेवा का आवंटन अभी फाउंडेशन कोर्स पूरा होने से पहले किया जाता है. कैडर नियंत्रण से जुड़े विभिन्न प्राधिकारों को कार्मिक मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र के मुताबिक पीएमओ इस बारे में जानना चाहता है कि परीक्षा के आधार पर चयनित प्रोबेशनर को सेवा आवंटन / कैडर आवंटन क्या फाउंडेशन कोर्स के बाद किया जा सकता है.

पत्र के मुताबिक संबद्ध विभागों को फाउंडेशन कोर्स में प्रदर्शन को महत्व दिए जाने तथा अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को सिविल सेवा परीक्षा एवं फाउंडेशन कोर्स में प्राप्त संयुक्त अंक के आधार पर सेवा आवंटन और कैडर आवंटन करने की व्यवहार्यता की पड़ताल करने को कहा गया है.

कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विभागों को भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) जैसे अन्य केंद्रीय सेवाओं के आवंटन के प्रस्ताव पर भी अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा गया है.

बता दें कि सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता (इनपुट एजेंसी)