दिल्ली| एक ओर सरकार जहां सेना को आधुनिक बनाने के लिए लड़ाकू विमान, सबमरीन और मशीन गन खरीद रही है तो वहीं जवानो का सम्मान बढ़ाने के लिए 7.60 लाख मेडल भी खरीदने जा रही है. सरकार इसके लिए लगभग 28 करोड़ रुपये खर्च करेगी. सरकार और नौकरशाह के उदासीनता के चलते जवानो को मेडल देने को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया. बता दें कि, यूनिफॉर्म पर मेडल लगना किसी भी जवान के लिए सबसे ज़्यादा गर्व की बात होती है.Also Read - Kargil Vijay Diwas: CDS, एलजी और सांसद ने कारगिल युद्ध स्‍मारक पर दी शहीदों को श्रद्धांजलि, राष्‍ट्रपति नहीं पहुंच पाए

मेडल मतलब युद्ध के मैदान में किये गए वीरता के काम का प्रतिक होता है. मगर मेडल्स की कमी के चलते घोषणा होने के बाद भी जवानों को ये नहीं मिल रहे थे. कई बार तो जवानों को बाज़ार से इसकी प्रतिकृति खरीदकर यूनिफार्म पर लगाना पड़ता था. सरकार अब आधुनिक हेलमेट और बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ सेना के जवान और अफसरों के लिए 7.60 लाख मेडल खरीदने जा रही है. यह भी पढ़े: सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए 40,000 करोड़ रपये की एक्सप्रेसवे परियोजना की घोषणा की Also Read - उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा में मुठभेड़ में सेना का जवान घायल, दो आतंकवादी ढेर

ज्ञात हो कि पिछले साल 16.28 लाख सेवा पदक की कमी थी. सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों को मेडल घोषित तो हुए मगर उन्हें मिले नहीं. इसी की वजह से सेना के जवानों को बाज़ार से मेडल की प्रतिकृति खरीदकर उसे अपने यूनिफार्म पर लगाना पड़ रहा था. सरकार ने अब फैसला किया है कि वह जल्द ही मेडल का सूखा खत्म करते हुए 7.60 लाख मेडल की खरीदारी करेगी. Also Read - Indian Army Recruitment 2021: भारतीय सेना में इन पदों पर आवेदन करने की आज है अंतिम डेट, जल्द करें अप्लाई, लाखों में होगी सैलरी