नई दिल्ली: विज्ञान भवन में आरएसएस की तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के आयोजन को अनुमति देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार अपनी विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग करेगी. आमतौर पर विज्ञान भवन में सरकारी मंत्रालयों, पीएसयू और स्वायत्त निकायों को ही कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति है. संघ पहली बार अपने प्रमुख मोहन भागवत की तीन दिन की व्याख्यान श्रृंखला आयोजित कर रहा है जिसका थीम होगा ‘भारत का भविष्य: आरएसएस के परिपेक्ष्य में’. तीन दिन की व्याख्यान श्रृंखला में भागवत चुनिंदा लोगों को संबोधित करेंगे और उनसे मुखातिब होंगे. यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 19 सितंबर तक विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा. Also Read - निजामुद्दीन मरकज से आंध्र प्रदेश लौटे सभी 43 लोग COVID19 से संक्रमित मिले

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार्यक्रम में संघ राहुल गांधी को भी बुला सकता है. राहुल गांधी के साथ ही माकपा महासचिव सीताराम येचुरी सहित कई अन्य नेताओं को बुलाया जा सकता है. आरएसएस ने विज्ञान भवन में हॉल नंबर 6 की बुकिंग के लिए आवेदन किया है. इस हॉल में 350-400 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता है. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

अगर प्राथमिकता की बात करें तो भारत सरकार, राज्य सरकारों, पीएसयू और स्वायत्त निकायों द्वारा विभागीय, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों / सेमिनार आयोजित करने के लिए विज्ञान भवन दिया जाता है. अन्य किसी को विज्ञान भवन में कार्यक्रम की अनुमति उसी शर्त पर दी जाती है जब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कार्यक्रम में भाग लेने वाले हों.

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विज्ञान भवन की बुकिंग के लिए आरएसएस के आवेदन के बारे में संपत्ति निदेशक नंदीता गुप्ता ने ईटी को बताया कि सामान्य रूप से विज्ञान भवन सरकारी मंत्रालयों और स्वायत्त निकायों द्वारा उपयोग के लिए है. किसी प्राइवेट पार्टी को विज्ञान भवन में कार्यक्रम की अनुमति देना बहुत दुर्लभ है. आरएसएस का आवेदन मिलने के बाद इस अप्लीकेशन को मंत्री को भेज दिया गया है जिनके पास इस मामले से संबंधित फैसले लेने का अधिकार है.

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आवास और शहरी मामलों के मंत्री के पास लाइसेंस शुल्क को छोड़ने की विवेकाधीन शक्तियां हैं. हालांकि, आरएसएस ने प्रति दिन, 86,100 (तीन दिन के लिए 2,58,300) लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने की बात कही है और किसी तरह की छूट के लिए आवेदन नहीं किया है.

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संपत्ति निदेशक नंदीता गुप्ता ने बुकिंग दरों को साझा करने से इंकार कर दिया. हालांकि सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 4 के तहत इस तरह की सूचना सार्वजनिक की जानी चाहिए. हालांकि जब इस बारे में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया. मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.