इंदौर: लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में आने जा रही है. “ताई” (मराठी में बड़ी बहन का संबोधन और महाजन का लोकप्रिय उपनाम) के नाम से मशहूर महाजन ने अपने गृहनगर इंदौर के ओल्ड पलासिया क्षेत्र में मतदान किया. इसके बाद उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने अमिट स्याही लगी अपनी उंगली प्रदर्शित करते हुए कहा, “भाजपा के लिए देश में उत्साहजनक माहौल है. मुझे पूरा विश्वास है कि हम दोबारा पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार बनाएंगे.”

76 वर्षीय महाजन इंदौर लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार चुनाव जीत चुकी हैं. लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद उन्होंने 5 अप्रैल को खुद घोषणा की थी कि वह इस बार बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी.

लम्बी उहापोह के बाद भाजपा ने अपने स्थानीय नेता शंकर लालवानी (57) को महाजन का चुनावी उत्तराधिकारी बनाते हुए इंदौर से टिकट दिया. लालवानी का मुख्य चुनावी मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी (58) से है.

बहरहाल, सियासी आलोचकों का आकलन है कि महाजन के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा के लिए इंदौर क्षेत्र में चुनावी मुकाबला थोड़ा मुश्किल हो गया है. इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा की 76 वर्षीय नेता ने कहा, “मेरी भूमिका बदल गई है. लेकिन अब भी चुनावी मैदान में ही हूं. मैं इंदौर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी (लालवानी) के साथ ही खड़ी हूं.” मीडिया से महाजन की बातचीत के दौरान लालवानी उनके साथ ही खड़े थे.

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “इस बार मैं चुनावी उम्मीदवार नहीं हूं, तो क्या हुआ? भाजपा का संगठन चुनाव लड़ रहा है. सवाल यह नहीं है कि भाजपा से कौन चुनाव लड़ रहा है? सवाल प्रजातंत्र का है. मैंने हमेशा देश और प्रजातंत्र के लिए अपना वोट दिया है.” इंदौर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम के बारे में पूछे जाने पर महाजन ने कहा, “मतदाता जिस शख्स को इंदौर की चाबी सौंपने को कहेंगे, उस शख्स को इंदौर की चाबी सौंप दी जाएगी.”