नई दिल्ली. ट्रेनों में खान-पान संबंधी यात्रियों की शिकायतों और वेंडर्स की मनमानी को देखते हुए मोदी सरकार अगले कुछ दिनों में बड़ा फैसला लेने जा रही है. इस फैसले से आपका रेल सफर और आसान होने वाला है. दरअसल, ट्रेनों में इस साल मार्च से खाने के सामान की दाम सूची सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी और इसके साथ ही लिखा रहेगा ‘कृपया कोई टिप नहीं दें, अगर बिल नहीं मिला तो आपका भोजन मुफ्त है’. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कैटिरंग सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जोनल रेलवे को इस संबंध में निर्देश दिए हैं. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गोयल ने यह भी निर्देश दिए कि जनवरी 2019 के अंत तक यात्रियों की सुविधा के लिए सभी गैर सुरक्षा शिकायतों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर विकसित किया जाए.

बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि वाईफाई कनेक्टिविटी वर्तमान 723 से बढाकर दो हजार स्टेशनों पर की जानी चाहिए. उन्होंने स्टेशनों पर वाईफाई का कार्य जल्द पूरा करने में संभागीय रेलवे मैनेजरों को पुरस्कार का प्रस्ताव दिया. अधिकारी ने कहा कि मंत्री ने सलाह दी कि 31 मार्च 2019 तक सभी ट्रेनों में कैटरिंग स्टॉफ और टीटीई को स्वाइप तथा बिल निकालने वाली मशीनों के साथ पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें वितरित की जानी चाहिए. अधिकारी ने कहा कि कैटरिंग सुविधाओं वाली सभी ट्रेनों में मार्च 2019 तक दाम सूची होनी चाहिए. इसके साथ यह भी लिखा होना चाहिए कि ‘कृपया कोई टिप नहीं दें, अगर कोई बिल नहीं दिया जाता है तो आपका भोजन मुफ्त है.’

भारतीय रेलवे के इस नए फैसले से उन यात्रियों को सफर के दौरान काफी सुविधा होगी जो ट्रेनों में घर से बना हुआ खाना नहीं ले जा पाते हैं. ऐसे में उन्हें ट्रेनों की पैंट्री-कार या निजी वेंडर्स की मनमानी का शिकार होना पड़ता है. ये वेंडर्स मुंहमांगे या मनमानी दरों पर चलती ट्रेनों में सामान बेचते हैं. न चाहते हुए भी यात्रियों को वेंडर्स द्वारा तय किए गए दाम पर ट्रेनों में सामान खरीदना पड़ता है.

(इनपुट – एजेंसी)