नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कश्मीरी प्रवासियों के साथ-साथ कश्मीरी पंडितों व घाटी में रह रहे कश्मीरी हिंदुओं के आश्रितों के लिए देश के दूसरे हिस्सों में स्थित शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश में अकादमिक वर्ष 2020-21 के लिए कुछ रियायतें दी गई हैं.

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, इन रियायतों में कटऑफ प्रतिशत में 10 फीसदी की छूट, न्यूनतम पात्रता जरूरत और कोर्स वाइज प्रवेश क्षमता में पांच फीसदी की बढ़ोतरी शामिल है. तकनीकी/व्यावसायिक संस्थानों के मेरिट कोटा में एक सीट का आरक्षण होगा. 15 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया है कि कश्मीरी प्रवासियों के लिए डोमेसाइल की जरूरत खत्म की गई है, जबकि कश्मीर घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों/कश्मीरी हिंदू परिवारों (गैर-प्रवासियों) को डोमेसाइल प्रमाण पत्र की जरूरत होगी.

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उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिवों को निर्देश
इस निर्देश को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष, एआईसीटीई के अध्यक्ष, सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिवों को भेज दिया गया है.