नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दो न्यायधीशों की नियुक्ति के लिए शीर्ष अदालत के कोलेजियम द्वारा गई सिफारिश को दूसरी बार लौटा दिया है. इसमें लौटाए गए नामों में सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश के बेटे का नाम भी है. सरकार ने दोनों वकीलों के खिलाफ शिकायत का हवाला देते हुए उनके नाम लौटाए हैं. बता दें कि उच्चतम न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के पुत्र सहित दो वकीलों की इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए कोलेजियम द्वारा की गई इस सिफारिश को केंद्र सरकार ने दूसरी बार लौटाया है. इन दोनों वकीलों के नाम मोहम्मद मंसूर और बशारत अली खान हैं. बता देें कि करीब ढाई साल तक फाइल को लंबित रखने के बाद सरकार ने पिछले महीने फाइल लौटाई हैै. Also Read - RBI Governor Economic Package: RBI गवर्नर ने की अहम घोषणाएं, जानें आपको क्या मिला...

इस बीच, सरकार ने जम्मू – कश्मीर हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए वकील नजीर अहमद बेग के नाम की सिफारिश लौटाने का भी फैसला किया है. तीन अन्य नामों – वसीम सादिक नरगल, सिंधु शर्मा और जिला जज राशिद अली डार – पर कानून मंत्रालय अभी विचार कर रहा है. Also Read - RBI Governor Economic Package: आर्थिक पैकेज को लेकर RBI गवर्नर ने की अहम घोषणाएं , ब्याज दरें कम कीं

नया कोलेजियम का होगा गठन
शुक्रवार को न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर के सेवानिवृत होने के बाद पांच सदस्यीय कोलेजियम का पुनर्गठन करना होगा. सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच न्यायाधीश कोलेजियम का हिस्सा होते हैं. नए सदस्य से वाले कोलेजियम को इन दो नामों पर फैसला करना होगा. Also Read - PMVVY: मोदी सरकार ने सीनियर सिटीजन की पेंशन से जुड़ी इस योजना की मियाद बढ़ाई, जानिए इसके फायदे

अहमद सुप्रीम कोर्ट में रहे थे जज
दोनों वकील इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वरिष्ठ स्थायी वकील के तौर पर नियमित तौर पर पेश हो रहे हैं. मंसूर उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश दिवंगत सगीर अहमद के बेटे हैं. जस्टिस अहमद ने जम्मू – कश्मीर के विशेष संदर्भ में केंद्र – राज्य संबंधों पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से गठित कार्य समूह की अध्यक्षता की थी.

सरकार ने शिकायतों का दिया था हवाला
केंद्र की मोदी सरकार इससे पहले भी एक बार शिकायतों का हवाला देते हुए मंसूर और खान के नाम की सिफारिश करने वाली फाइल लौटा चुकी है. लेकिन कोलेजियम ने उनके खिलाफ शिकायतों को अगंभीर बताते हुए अपनी सिफारिश दोहराई थी.

ढाई साल बाद केंद्र ने लौटाई थी फाइल
पिछले महीने सरकार ने मंसूर और खान के नाम की सिफारिश वाली फाइल लौटाते हुए उनके नाम पर फिर से विचार करने को कहा था. करीब ढाई साल तक फाइल को लंबित रखने के बाद सरकार ने पिछले महीने फाइल लौटाई थी. (इनपुट- एजेंसी)