नई दिल्ली: कैबिनेट ने बुधवार को आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम पर मुहर लगा दी. इस योजना से देश के 10 करोड़ परिवारों के लिए 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा. आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को हर साल इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा. यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और सीनियर सिटीजन इंश्योरेंस स्क्रीम की जगह लेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पेश किए गए बजट में इस योजना घोषणा की थी. घोषणा को मूर्त रूप देने के लिए अब कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है.Also Read - मेघालय के राज्‍यपाल सत्यपाल मलिक का बयान, किसानों की नहीं सुनी तो यह सरकार दोबारा नहीं आएगी

सरकार के मुताबिक, इस योजना को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए आधार, लागत नियंत्र, जैसे कई तरह के पहचान प्रमाणन उपाय किए गए हैं. वहीं, यह राज्यों पर निर्भर करेगा कि वे इसे लागू करना चाहते हैं या नहीं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह योजना कैशलैस होगी और मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) को नई योजना का रूप दिया जाएगा. एक अप्रैल, 2018 से सरकार के पास इसके लिए 2000 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे. Also Read - BSF's jurisdiction Issue: Punjab CM ने किया कड़ा विरोध, बोले- यह मोदी सरकार का अलोकतांत्रिक फैसला

पूरे भारत में भारत आयुष्मान प्रोग्राम के तहत डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे. निजी क्षेत्र की कंपनियां भी इसमें हिस्सा ले सकती हैं. जेटली ने बजट भाषण में कहा था कि आयुष्मान भारत के तहत ये दो दूरगामी पहल वर्ष 2022 तक एक नए भारत का निर्माण करेगी. संप्रग सरकार के समय से चल रही मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में गरीब परिवारों को 30 हजार रुपये का वार्षिक कवरेज प्रदान किया जाता है. Also Read - केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार K V Subramanian ने दिया इस्तीफा, बताई यह वजह...

बता दें कि 16 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में हेल्थकेयर सिस्टम में सुधार को लेकर सरकार की कोशिशों के बारे में बताया था. पीएम मोदी ने हेल्थकेयर सिस्टम को लेकर No Silios, Only Solutions का विजन पेश किया था. उन्होंने कहा था कि देश में हेल्थ केयर के लिए सिर्फ हेल्थ मिनिस्ट्री हो और वो अकेली ही काम करती रहे तो इसे साइलोस बनते हैं, सोल्यूशन नहीं मिलते.

उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास रहा है- नो साइलोस, ओनली सोल्यूशन.’ उन्होंने कहा कि हमने जनता जनार्दन से जुड़े इस अभियान में, हेल्थ मिनिस्ट्री से जुड़े अन्य मंत्रालय को जोड़ कर निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रयास किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था कि 3000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोले गए. 800 से ज्यादा दवा कम कीमत पर, स्टेंट कम कीमत पर मिले, इसके लिए उपभोक्ता मंत्रालय ने काम किया. हार्ट स्टेंट की कीमत 85 फीसदी तक कम हो गई.