PM मोदी और मेलोनी की मुलाकात से मजबूत हुए भारत-इटली के रिश्ते, जानें किन-किन समझौतों पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देने का ऐलान किया. रक्षा, तकनीक, आतंकवाद और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी और साझेदारी को विशेष रणनीतिक स्तर तक पहुंचाया गया.

Written by: Tanuja Joshi
Published: May 20, 2026, 5:34 PM IST

India-Italy Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान भारत और इटली के रिश्तों को नई दिशा मिली. रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ हुई बैठक के बाद दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का फैसला किया. इस दौरान रक्षा, तकनीक, नवाचार, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इटली के संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने ‘इंडिया-इटली जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ तैयार किया है, जो आने वाले सालों में सहयोग को नई गति देगा. मोदी ने कहा कि ये योजना दोनों देशों के रिश्तों को व्यावहारिक और भविष्य की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ाने का काम करेगी.

जॉर्जिया मेलोनी ने क्या कुछ कहा?

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी भारत के साथ रिश्तों को बेहद अहम बताया. उन्होंने घोषणा की कि भारत और इटली अब ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत काम करेंगे. मेलोनी ने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है.

बैठक में रक्षा क्षेत्र को लेकर भी अहम चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर जोर दिया. भारत और इटली आने वाले समय में रक्षा उद्योग में नई साझेदारी विकसित करने की दिशा में काम करेंगे. इसके अलावा साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.

आतंकवाद और आतंक को लेकर चर्चा

आतंकवाद और आतंक के वित्तपोषण को रोकने का मुद्दा भी बातचीत का प्रमुख हिस्सा रहा. दोनों देशों ने साफ कहा कि दुनिया में बढ़ते आतंकवादी नेटवर्क और अवैध फंडिंग के खिलाफ मिलकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है. भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की मांग करता रहा है और इटली ने भी इस मुद्दे पर भारत का समर्थन किया.

तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी बढ़ाने की बात कही. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप्स, रिसर्च और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है. दोनों नेताओं का मानना है कि नई तकनीकों में साझेदारी से आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी की ये इटली यात्रा उनके पांच देशों के दौरे का आखिरी चरण है. इस यात्रा को भारत की विदेश नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूरोप के साथ भारत के मजबूत होते रिश्ते वैश्विक राजनीति और व्यापार में भारत की भूमिका को और प्रभावशाली बना सकते हैं.

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