बरेली (उत्तर प्रदेश): राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जब आरएसएस कार्यकर्ता कहते हैं कि यह हिंदुओं का देश है, तो इसका मतलब है कि देश के 130 करोड़ लोग हिंदू हैं. बरेली में रविवार को एक समारोह में उन्होंने कहा, “यह कहना कि सभी हिंदू हैं, हम किसी के धर्म, भाषा या जाति को बदलना नहीं चाहते..हम संविधान से अलग सत्ता का कोई केंद्र नहीं चाहते, क्योंकि हम इसमें विश्वास करते हैं. हिंदुत्व एक समग्र दृष्टिकोण है और हम मानते हैं कि सभी के पूर्वज हिंदू थे. यह विविधता में एकता है और भावनात्मक अखंडता से चिन्हित है.” Also Read - RSS worker killed in Kerala: केरला में दो संगठनों की झड़प में आरएसएस कार्यकर्ता की मौत

भागवत ने कहा कि देश संविधान से चलता है, जो राष्ट्र के लिए उज्‍जवल भविष्य की परिकल्पना करता है. उन्होंने कहा, अगर आप संविधान का अध्ययन करते हैं तो आपको एहसास होगा कि हर पृष्ठ देश के लिए प्रेरणा है. संविधान हमें हमारी शुरुआत और हमारा लक्ष्य बताता है.” उन्होंने कहा कि हमें इजरायल से सीखने की जरूरत है, जिसने अपने आजादी के लिए लड़ाई की और आज दुनिया के प्रमुख देशों में से एक है. Also Read - Kerala: Alappuzha में SDPI वर्कर्स से झड़प में RSS कार्यकर्ता की हत्‍या, BJP और Hindu संगठनों ने बंद बुलाया

आरएसएस प्रमुख ने जनसंख्या नियंत्रण पर अपने बयान पर भ्रम की स्थिति को भी स्पष्ट किया और कहा, “मैंने सिर्फ यह कहा था कि जनसंख्या समस्या के साथ-साथ संसाधन भी है, इसलिए इस संबंध में एक नीति का मसौदा तैयार किया जाना चाहिए. नीति तय करेगी कि किसी के कितने बच्चे होने चाहिए. मैंने इस तरह का कोई नियम नहीं बनाया, क्योंकि यह मेरा काम नहीं है.” Also Read - Bengal Polls 2021: क्या राजनीति में वापसी करेंगे मिथुन चक्रवर्ती? RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात पर चढ़ा सियासी पारा

(इनपुट आईएएनएस)