नई दिल्ली: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून को केरल तट पर दस्तक देने के बाद देश के अन्य हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और गुजरात, संपूर्ण महाराष्ट्र को कवर करते हुए मध्यप्रदेश के कुछ इलाके, छत्तीसगढ़ और झारखंड के ज्यादातर क्षेत्रों से होते हुए बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा कि मानसून पश्चिमी और मध्य भारत के अधिकतर हिस्सों में दस्तक दे चुका है, लेकिन इस सप्ताह इसकी प्रगति कुछ धीमी रहने की संभावना है. Also Read - Monsoon Tips: मानसून में होने वाले इंफेक्शन से बचने के लिए रोजाना करें इन सुपर फूड्स का इस्तेमाल

पूरे भारत में बीते 14 दिनों के दौरान 75.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस दौरान औसतन 57.8 मिलीमीटर बारिश होती है. इस प्रकार मानसून के आगमन के दो सप्ताह के भीतर देशभर में बारिश सामान्य से 31 फीसदी अधिक हुई है. Also Read - असम में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किल, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित, बिहार में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

अगले 48 घंटे के दौरान मानसून के विस्तार के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही
विभाग ने एक बयान में कहा, ‘उत्तरी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ के बाकी भागों, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण-पश्चिमी मानसून के विस्तार के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं.’ विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इसके बाद, एक सप्ताह के लिए मानसून की प्रगति धीमी रहेगी Also Read - बिहार में तेज बारिश, पटना में मंत्री के बंगले में ऐसा घुसा बारिश का पानी

14 दिनों में देशभर में सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश
देश में बीते 14 दिनों में देशभर में सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रविवार की रिपोर्ट के अुनसार, पूरे देश में इस साल मानूसन के दौरान लंबी अवधि के औसत यानी एलपीए से 31 फीसदी अधिक बारिश हुई है.

सामान्य से 19 फीसदी ज्यादा बारिश हुई
उत्तर-पश्चिम भारत में जहां इस दौरान 22.8 मिलीमीटर बारिश होती है, वहां इस साल 27.2 मिलीमीटर यानी सामान्य से 19 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है.

भारत में 20 फीसदी से ज्‍यादा बारिश
वहीं, मध्य भारत में जहां इस दौरान 46.9 मिलीमीटर बारिश होती है वहां इस साल 91 मिलीमीटर यानी सामान्य से 94 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस दौरान 66.9 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस साल 80.2 मिलीमीटर यानी सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में इस दौरान जहां सामान्य रूप से 137.4 मिलीमीटर बारिश होती है, वहां इस साल 131.8 मिलीमीटर यानी सामान्य से चार फीसदी कम बारिश हुई है.