नई दिल्ली: उत्तर और दक्षिण भारत में इस बार मानसून के सामान्य से कम रहने का अनुमान है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को अपने पूर्वानुमान में यह जानकारी दी. विभाग ने कहा कि आमतौर पर माना जाता है कि अल-नीनो मानसून पर अपना असर डालती है, जिसका असर बारिश के मौसम में भी जारी रहेगा.

जुलाई में मानसून सामान्य से नीचे रहने की संभावना है जबकि अगस्त में यह सामान्य रहेगा. आईएमडी ने कहा, ‘‘2019 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में पूरे देश में कुल मिलाकर सामान्य बारिश होने की संभावना है.’’ उसने कहा, ‘‘यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 96 प्रतिशत रहने की संभावना है.’’ आईएमडी के उत्तर-पश्चिम भारत उप-मंडल में पूरा उत्तर भारत आता है, जबकि मध्य भारत के उपखंड में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं.

पूर्वोत्तर भारत उपखंड में पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड और पूरा पूर्वोत्तर आता है जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में दक्षिण के पांच राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश पुडुचेरी आता है. केरल में इस बार मानसून पांच दिन की देरी से छह जून को पहुंचने का अनुमान है. स्काईमेट ने कहा कि मध्य भारत में एलपीए की 91 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है और विदर्भ, मराठवाड़ा,पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा गुजरात में बारिश ‘‘सामान्य से कम’’ होगी.

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