नई दिल्ली: दक्षिण पश्चिमी मानसून अब तेजी से देश के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून 6 जून के आसपास गोवा पहुंचने की उम्मीद है. दिल्ली-एनसीआर में मानसून 29 जून तक पहुंच सकता है. मानसून को केरल से दिल्ली तक आने में चार सप्ताह का समय लग जाता है. केरल में मानसून दो दिन पहले ही पहुंच गया है और उसकी रफ्तार भी अच्छी चल रही है, तो ऐसे में संभावना जताई जा सकती है कि दिल्ली-एनसीआर में यह 25 या 26 जून को दस्तक देगा.

चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हुए मानसून पूर्व बारिश ने गोवा को जमकर भिगोया, जिससे कई निचले इलाकों तथा राजधानी एवं अन्य स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश अगले 48 घंटे जारी रहेगी.

ओडिशा में गर्मी का कहर

देश के कई राज्यों मे प्री मानसून बारिश ने लोगों को गर्मी से थोड़ा राहत दिलाई, लेकिन ओडिशा में अभी भी गर्मी का कहर जारी है.  राष्ट्रीय राजधानी में बारिश से अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

पश्चिमी विक्षोभ के कारण इन इलाकों में हो रही है बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहने से राजस्थान में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई. बुधवार से पूर्वी राजस्थान में रक-रककर बारिश हो रही है. हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में मुख्यतौर पर सूखा छाया रहा, जहां सिर्फ हनुमानमढ़ और चुरू जिले के कुछ इलाकों में ही बारिश हुई. मिजोरम में मोरा चक्रवात के कारण तेज हवाएं चलीं जिससे बिजली और दूरसंचार नेटवर्क प्रभावित होने के साथ ही कई घर क्षतिग्रस्त हुए और भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया. बिहार में भी हल्की बारिश से पारा थोड़ा नीचे आया.

दिल्ली-NCR में 25 जून को मानसून दे सकता है दस्तक 

दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की अगर यही रफ्तार रही तो दिल्ली-एनसीआर में यह 25 जून के आसपास दस्तक दे देगा. 20 जून के आसपास प्री मानसून बारिश की भी संभावना है. बांग्लादेश के तटीय इलाकों में आए चक्रवाती तूफान मोरा के कारण केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून समय से पूर्व आ गया है। केरल में मानसून की आधिकारिक तिथि एक जून है.