नई दिल्ली: केरल में इस वर्ष दक्षिणपश्चिम मानसून आने में चार दिन की देरी हो सकती है. भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. आईएमडी ने कहा है कि इस साल केरल पर दक्षिण पश्चिम monsoon की शुरुआत 1 जून की शुरुआत की सामान्य तारीख की तुलना में थोड़ी देरी की संभावना है. केरल में इस वर्ष की शुरुआत 5 जून को over 4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ होने की संभावना है. Also Read - Kerala Pregnant Elephant Murder: केरल में प्रेग्नेंट हथिनी की हत्या पर बोले उद्योगपति रतन टाटा- 'दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो'

वहीं, IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा,  बंगाल की खाड़ी पर दक्षिण-पूर्व की कम दबाव प्रणाली से आज एक दबाव केंद्र केंद्रित होने और कल शाम तक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण और आसपास के मध्य भागों में एक चक्रवाती तूफान की आशंका बढ़ सकती है. Also Read - हथिनी की मौत का मामला: केरल के CM ने कहा- कार्रवाई होगी, मेनका गांधी बोलीं- राहुल गांधी क्यों नहीं ले रहे एक्शन?

विभाग ने बताया कि मानसून दक्षिणी राज्य में पांच जून तक आएगा. मौसम विभाग ने बताया, ” इस वर्ष केरल में मानसून सामान्य तारीख के मुकाबले कुछ विलंब से आएगा. राज्य में मानसून पांच जून तक आ सकता है.” केरल में मानसून आने के साथ देश में चार महीने के बरसात के मौसम की आधिकारिक शुरुआत हो जाती है. मौसम विभाग के मुताबिक, केरल में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के आगाज में चार दिन की देरी होने की संभावना है. दक्षिण राज्य में इसके पांच जून को पहुंचने का अनुमान.

बता दें कि बीते बुधवार को कहा था कि मानसून के, बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण के कारण सामान्य तिथि से करीब छह दिन पहले 16 मई के आस-पास अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह पहुंचने की संभावना है. मानसून आमतौर पर 20 मई के आस-पास अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह पहुंचता है. पिछले महीने इसके वहां पहुंचने की संभावना संबंधी तिथि संशोधित करके 22 मई बताई गई थी. इसके बाद मानसून को केरल पहुंचने में 10 से 11 दिन लगते हैं और फिर भारत में बारिश की शुरुआत होती है.