Monsoon Session Of Parliamen: देश मे जारी कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच संसद का मॉनसून सत्र आज (Monsoon Session) से शुरू होगा. 18 दिन तक चलने वाले संसद सत्र (Parliament Session) के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इस सत्र में कई चीजें पहली बार हो रही हैं जिनमें दोनों सदनों की बैठक सुबह-शाम की पालियों में होना और सत्र में एक भी अवकाश नहीं होना शामिल हैं. संसद परिसर में केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास कोविड-19 संक्रमण (COVID-19) नहीं होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट होगी और लोगों का इस दौरान मास्क पहनना जरूरी होगा. Also Read - 30 सांसद कोरोना पॉजिटिव निकले, संसद के मानसून सत्र में हो सकती है कटौती: र‍िपोर्ट

ज्यादातर कामकाज डिजिटल तरीके से होगा
सत्र के प्रारंभ से पहले सांसदों और संसद कर्मचारियों समेत 4,000 से अधिक लोगों की कोविड-19 के लिए जांच कराई गई है. इस बार ज्यादातर संसदीय कामकाज डिजिटल तरीके से होगा और पूरे परिसर को संक्रमणुक्त बनाने के साथ ही दरवाजों को स्पर्शमुक्त बनाया जाएगा. इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों के तहत सांसदों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की गई है. Also Read - नवजोत सिंह सिद्धू का मोदी सरकार पर हमला, खेती पंजाब की आत्मा, रूह पर हमला बर्दाश्त नहीं

राज्यसभा की कार्यवाही सुबह के सत्र में
सत्र के पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में 9 बजे से दोपहर एक बजे तक संचालित होगी, वहीं लोकसभा दोपहर तीन बजे से शाम 7 बजे तक बैठेगी. दोनों सदनों के चैंबरों और गैलरियों का इस्तेमाल दोनों पाली में सदस्यों के बैठने के लिए किया जाएगा. दोनों पालियों के बीच पूरे परिसर को संक्रमण मुक्त किया जाएगा. Also Read - VIDEO: कई दलों के सांसदों ने राज्‍यों को GST के भुगतान के लिए गांधी प्रतिमा के सामने किया प्रदर्शन

SOP का रखा जाएगा पूरा ध्यान 
पूरे संसद परिसर को कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के मद्देनजर सुरक्षित क्षेत्र बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और डीआरडीओ के अधिकारियों के साथ श्रृंखलाबद्ध बैठकें कीं. मॉनसून सत्र के 14 सितंबर से एक अक्टूबर तक आयोजन के दौरान तय मानक परिचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुसार सांसदों, दोनों सदनों के सचिवालयों के कर्मियों तथा कार्यवाही कवर करने वाले मीडियाकर्मियों को कोविड-19 की जांच (Corona Test) कराने को कहा गया है और यह जांच सत्र शुरू होने से 72 घंटे से अधिक पहले नहीं होनी चाहिए.

विपक्ष के तेवर गरम
बता दें कि विपक्ष ने संसद सत्र को लेकर अपने तेवर पहले ही दिखा दिये हैं और वह सरकार को भारत-चीन सीमा विवाद, जीडीपी के आंकड़े, कोरोना महामारी समेत कई मुद्दों पर घेरने को तैयार है.

23 विधेयकों पर सरकार की नजर
सरकार की नजर 23 विधेयकों पर चर्चा और इसे पारित कराने पर है. इसमें 11 ऐसे विधेयक भी हैं जो अध्यादेशों का स्थान लेंगे. इनमें से चार विधेयकों का विपक्षी दल विरोध कर सकते हैं. ये चारों विधेयक कृषि क्षेत्र और बैंकिंग नियमन से जुड़े अध्यादेश का स्थान लेंगे. विपक्षी दलों ने महामारी से निपटने, अर्थव्यवस्था की स्थिति और लद्दाख में सीमा पर चीनी आक्रामकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला किया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की पहली बैठक में इन मांगों को उठाया लेकिन इन चर्चाओं के लिए अब तक समय नहीं दिया गया है.

(इनपुट: भाषा)