Monsoon Session:  कृषि विधेयक (Farms Bill 2020) के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में हुए हंगामे के कारण विपक्षी दलों के आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसे लेकर मंगलवार को भी सदन में विपक्ष ने हंगामा किया. कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने कहा कि जब तक 8 सदस्यों का उच्च सदन से निलंबन वापस नहीं लिया जाता तब तक कांग्रेस राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करेगी. Also Read - नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को हुआ कोरोना वायरस, ट्वीट कर दी जानकारी

गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि हमारी तीन मांगें हैं. पहली सरकार एक नया बिल लाए, जिसमें यह बात साफ तौर पर शामिल हो कि कोई भी प्राइवेट कंपनी MSP के नीचे किसानों से कोई उपज नहीं खरीदेंगे. दूसरी MSP फॉर्मूला स्वामीनाथन फॉर्मूला के आधार पर तय होना चाहिए और तीसरा की सभी सांसदों का निलंबन वापस हो.

उन्होंने कहा कि जब तक हमारी ये तीनों मांगे पूरी नहीं होती हम राज्यसभा की कार्यवाही का विरोध करेंगे. उधर, विपक्षी सांसदों का धरना खत्म हो गया है.

आजाद ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के अंतर तालमेल का अभाव है. एक दिन पहले ही कृषि विधेयकों पर पूरी चर्चा एमएसपी पर केंद्रित रही और उसके एक दिन बाद सरकार ने कई फसलों के लिए एमएसपी की घोषणा कर दी.

उधर, राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu) ने कहा कि मैं सदस्यों के निलंबन से खुश नहीं हूं. उनके आचरण के आधार पर कार्रवाई की गई है.

उल्लेखनीय है कि रविवार को सदन में अमर्यादित आचरण करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और आप के संजय सिंह सहित विपक्ष के आठ सदस्यों को सोमवार को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने रविवार को कृषि विधेयकों पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे में असंसदीय आचरण को लेकर विपक्ष के आठ सदस्यों को मौजूदा सत्र के शेष समय के लिए निलंबित किए जाने का प्रस्ताव कल पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी. निलंबित किए गए सदस्यों में कांगेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा, तृणमूल के ब्रायन और डोला सेन, माकपा के केके रागेश और इलामारम करीम व आप के संजय सिंह शामिल हैं.

(इनपुट: भाषा)