Monsoon Session: कृषि बिल (Farmers Bill 2020) पर चर्चा के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में हंगमा करने वाले विपक्षी दल के 8 सांसदों को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया गया. विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन से वॉकआउट कर लिया. कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने सरकार से तीन मांगे रखी हैं और कहा है कि जब तक इन्हें पूरा नहीं किया जाता वह सदन का बहिष्कार करेगी. विपक्षी दलों की एक मांग यह भी है कि सांसदों का निलंबन जल्द से जल्द वापस हो. उधर, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) का इसे लेकर बयान आया है. Also Read - राज्यसभा चुनाव: हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर हो सकते हैं भाजपा उम्मीदवार

संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, ‘निलंबित सदस्यों द्वारा राज्यसभा में अपने व्यवहार के लिए माफी मांगने के बाद ही हम निलंबन वापस लेने पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों द्वारा इस तरह के अनियंत्रित व्यवहार का विरोध करेगी.’ Also Read - Rajya Sabha Election: यूपी में राज्‍यसभा की रिक्त होने वाली 10 में से नौ सीटें जीत सकती है भाजपा, सपा को होगा भारी नुकसान

उन्होंने कहा कि यह किस तरह की राजनीति है कि विदेश से एक ट्वीट आता है और सांसद इस तरह का व्यवहार करते हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से राहुल गांधी के ट्वीट का जिक्र किया, जो अपनी मां सोनिया गांधी के साथ उनकी मेडिकल जांच के लिए देश के बाहर हैं. रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हमने कभी भी राज्यसभा की मेज पर एक कांग्रेस सांसद को नाचते नहीं देखा.’ Also Read - कृषि विधेयकों को पास कराने के तरीके पर उठे सवाल तो हरिवंश ने दी ये सफाई

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को कहा कि जब तक निलंबन रद्द नहीं किया जाता वे मॉनसून सत्र का बहिष्कार जारी रखेंगे. आजाद ने कहा कि हमारी तीन मांगें हैं. पहली सरकार एक नया बिल लाए, जिसमें यह बात साफ तौर पर शामिल हो कि कोई भी प्राइवेट कंपनी MSP के नीचे किसानों से कोई उपज नहीं खरीदेंगे. दूसरी MSP फॉर्मूला स्वामीनाथन फॉर्मूला के आधार पर तय होना चाहिए और तीसरा की सभी सांसदों का निलंबन वापस हो.

इस बीच विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन का बहिष्कार किए जाने के बाद राज्यसभा सांसदों द्वारा धरने को समाप्त कर दिया गया है. बता दें कि जिन आठ सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें डेरेक ओ ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन, राजीव सातव, रिपुन बोरा और कांग्रेस के सैयद नसीर हुसैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी के केके रागेश और ई करीम शामिल हैं.