नई दिल्‍ली: समय से पहले दस्तक देने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. मानसून के कमजोर हो जाने से उत्तर भारत को गर्मी से राहत पाने के लिए अब और इंतजार करना होगा. मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले एक हफ्ते से आगे नहीं बढ़ सका है. ऐसा भूमध्य रेखा के साथ संघों में कमजोर मानसून प्रवाह के कारण हुआ है.

आईएमडी के मुताबिक, मानसून की गति 24 जून के आसपास से सुधरने की संभावना है. बताया गया कि अगले कुछ दिनों में भूमध्य व पश्चिम इक्वेटोरियल हिंद महासागर और आसपास के अरब सागर में और पूर्वी भारत पर चक्रवात पैदा होने के कारण मानसून की गति बढ़ेगी. इसके चलते दक्षिण पश्चिम मानसून के असम में बाकी हिस्सों, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 23-25 जून के बीच आगे बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा, अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी भारत और तटीय आंध्र प्रदेश के हिस्सों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई गई है.

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कोंकण-गोवा में भारी से भारी बारिश की चेतावनी
इस बीच, आईएमडी ने कोंकण और गोवा में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, असम, मेघालय और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने यह भी कहा कि पूर्वी बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी पर अलग-अलग जगहों पर तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी आने की संभावना है.

मौसम की ताजा स्थिति
मंगलवार को मानसून से तटीय कर्नाटक, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और कोंकण और गोवा के कई स्थानों पर अधिकतर स्थानों पर बारिश हुई. इसके अलावा झारखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और लक्षद्वीप और उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ अलग जगहों में बारिश हुई है.