Monsoon Update 2020: कोरोना वायरस महामारी के बीच बीते दिनों मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि देश में इस साल मॉनसून 100-105 प्रतिशत रहने वाला है. इसके संकेत अब दिखने शुरू हो चुके हैं. मानसून तय वक्त से पहले ही केरल में एंट्री कर चुका है. केरल में 1 जून को खूब बारिश हुई. यह बारिश पिछले 3 दिनों से हो रही है. साथ ही बारिश के मद्देनजर केरल के कई जिलो में अलर्ट भी जारी किया जा चुका है. भारतीय मौसम विभाग की माने तो दक्षिण भारत के राज्य केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी है. Also Read - Assam Flood: असम में बाढ़ से स्थिति बनी गंभीर,अबतक 59 लोगों की मौत, 33 लाख से अधिक प्रभावित

जुलाई के महीने में 103 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया गया है. इस दौरान खरीब की फसलों यानी चावल, गन्ने, कपास, दलहन इत्यादि के फसलों के लिए मॉनसून काफी लाभदायक साबित होगा. वहीं अगस्त महीने में 97 फीसदी बारिश होने की संभावना है. बता दें कि देश में औसत से ज्यादा बारिश के होने का अनुमान लगाया गया है. बता दें कि देश के कई हिस्सों में 102 से लेकर 107 फीसदी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वोतर भारत में बारिश 96 प्रतिशत तक होने की संभावना जताई गई है. Also Read - Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में बारिश के लिए 2 दिन करना पड़ेगा इंतजार, इन राज्यों का ऐसा रहेगा हाल

केरल में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में अलर्ट भी जारी किया चुका है. कोझिकोड जिले की बात करें तो यहां 15 सेमी बारिश दर्ज की गई है. इसी बाबत यहां रेड अलर्ट जारी किया जा चुका है. वहीं अन्य जिलों जैसे- कोट्टयम, एर्नाकुलम, कोल्लम, कन्नूर, तिरुअनंतपुरम, अलपुझा, पथनमथिट्टा, इदुक्की और मलप्पुरम में येलो अलर्ट जारी किया जा चुका है. बता दें कि मौसम विभाग के मॉनसून के टर्म में रेड अलर्ट का मतलब जोरदार बारिश और येलो अलर्ट का मतलब अधिकारियों के सतर्क रहने की हिदायत दी गई है ताकि किसी तरह के हालात से आसानी से निपटा जा सके. Also Read - Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हुई, करीब 13 लाख लोग प्रभावित