जींद: हरियाणा के जींद में पिछले 183 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे दलितों ने दावा किया है कि 15 अगस्त के दिन प्रदेश भर के करीब 1500 दलित धर्म परिवर्तन करेंगे. उनका दावा है कि यह धर्म परिवर्तन दिल्ली नही बल्कि जींद के धरना स्थल पर ही होगा और इसको लेकर उन्होंने व्यापक स्तर पर तैयारियां कर ली हैं. Also Read - देश की आजादी के 75वें वर्ष को मनाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में समिति गठित, सोनिया, ममता और मुलायम सिंह भी शामिल

Also Read - Kolkata High Court: बालिग़ हैं तो मर्ज़ी से कर सकते हैं शादी-धर्म परिवर्तन, कोई नहीं रोक सकता

दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संचालक दिनेश बौद्ध खापड़ ने कहा कि उनकी तरफ से सरकार से सम्पर्क व बातचीत करने के सारे प्रयास विफल रहे और अब मजबूरी में उन्हें धर्म परिवर्तन जैसा कदम उठाना पड़ेगा. दलितों ने प्रदेश सरकार पर दलित हिन्दुओं की कोई सुनवाई व मान सम्मान नहीं करने के आरोप लगाए. Also Read - सोनिया का मोदी सरकार पर हमला, कहा- सरकार संवैधानिक मूल्यों और प्रजातांत्रिक व्यवस्था के विपरीत खड़ी है

हिमाचल प्रदेश: ऊना में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की जेब में 200 रुपए से ज्‍यादा मिले तो खैर नहीं

गौरतलब है कि पिछले 183 दिनों से दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा दलितों की विभिन्न मांगों को लेकर जींद के लघु सचिवालय में धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि ये मांगें पूरी करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है. इसके बावजूद सरकार दलितों के प्रति अपनी संकीर्ण मानसिकता के चलते उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो दलित समाज धर्म परिवर्तन करेगा.’’ दिनेश खापड़ ने कहा कि यह सरकार दलित विरोधी है तथा इसी दलित विरोधी मानसिकता के चलते दलितों की जायज नैतिक मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है.