केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बुधवार को बताया गया कि देश भर में अब तक 23 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड-19 के टीके दिए गए हैं. इसके साथ-साथ यह भी जानकारी दी गई कि टीकाकरण के गंभीर प्रतिकूल प्रभाव या इसके कारण मौत होने का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है. मंत्रालय ने कहा कि अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के 12वें दिन बुधवार को शाम छह बजे तक 41,599 सत्रों में कुल 23,28,779 लोगों को टीका लगाया गया. Also Read - COVAXIN के तीसरे चरण के ट्रायल के आंकड़े जारी, कोरोना के UK वैरिएंट पर भी असरदार है यह देसी टीका

मंत्रालय ने कहा, ‘आज (बुधवार को) 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शाम 6 बजे तक 5,308 सत्रों में 2,99,299 लोगों का टीकाकरण किया गया.’ अंतिम रिपोर्ट देर रात तक तैयार होगी. मंत्रालय ने कहा, ‘देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम 12वें दिन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया.’ स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि अब तक कुल 16 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और यह कुल लोगों का 0.0007 प्रतिशत है. Also Read - टीम इंडिया के कोच शास्त्री ने लगावाई कोविड-19 वैक्सीन, ट्विटर पर पोस्ट की तस्वीर

पिछले 24 घंटों में, एक व्यक्ति को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसे 23 जनवरी को टीका लगाया गया था और 24 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह ‘बैक्टीरियल सेप्सिस’ से पीड़ित है. मंत्रालय ने कहा कि अब तक कुल 9 मौतों की सूचना है. इनमें से कोई भी मौत कोविड​​-19 टीकाकरण के कारण नहीं हुई है. Also Read - 2nd Phase Corona Vaccination: दो गज दूरी-दस्तावेज है जरूरी, दूसरे चरण के टीकाकरण के लिए जानिए जरूरी बातें

पिछले 24 घंटों में ओडिशा के 23 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा है. मंत्रालय ने कहा कि कोविड​​-19 टीकाकरण के कारण गंभीर या गंभीर प्रतिकूल प्रभाव या मौत होने का कोई मामला अब तक नहीं आया है. मंत्रालय ने टीकाकरण अभियान के 12वें दिन शाम छह बजे तक टीकाकरण के बाद 123 प्रतिकूल प्रभाव की सूचना मिली है.

मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को जिन लोगों को टीका लगाया गया, उनमें से 79 प्रतिशत लोग पांच राज्यों -कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से हैं.

(इनपुट: भाषा)