नई दिल्ली: हिंसा ग्रस्त राज्य जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का दावा है कि इस साल (2018) में उन्होंने अब तक 230 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराने में कामयाबी पाई है. साथ ही सुरक्षा बलों का ये भी कहना है कि इस दौरान पथराव की घटनाओं में घायल होने वालों की संख्या में भी कमी आई है. सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून से 14 सितंबर के बीच 80 दिन की समयावधि में करीब 51 आतंकवादी मारे गए जबकि 15 सितंबर से पांच दिसंबर के बीच 85 आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया. Also Read - Kashmir Martyrs' Day: इतिहास में पहली बार ‘शहीद दिवस’ पर नहीं हुआ कोई कार्यक्रम

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जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बल के अधिकारी ने कहा कि इस साल अब तक 232 आतंकवादी मारे गए जबकि विदेशियों सहित 240 आतंकवादियों के कश्मीर घाटी में सक्रिय होने की सूचना है. उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि इस साल 25 जून से 14 सितंबर के बीच पत्थरबाजी की घटनाओं में सुरक्षाकर्मियों सहित आठ लोगों की जान गई जबकि जवानों सहित 216 अन्य घायल हुए. अधिकारी ने कहा कि इसके बाद के 80 दिन यानी 15 सितंबर से पांच दिसंबर के बीच इन घटनाओं में केवल दो लोगों की मौत हुई जबकि 170 अन्य घायल हुए.

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वहीं इन जानकारियों को मीडिया के साथ साझा किए जाने के दौरान एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भाजपा द्वारा महबूबा मुफ्ती नीत सरकार से समर्थन वापस लेने और 19 जून से राज्य में राज्यपाल शासन लगाए जाने के बाद कश्मीर घाटी की सुरक्षा स्थिति में सुधार आया है और हिंसा की घटनाओं में कमी आई है. राज्य में चल रहे पंचायत चुनाव का आठवां चरण आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. (इनपुट एजेंसी)

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