नई दिल्लीः सात मार्च को नासिक से अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के बैनर तले मार्च पर निकले 30 हजार से ज्यादा किसान रविवार को मुंबई पहुंच गए. ये किसान सोमवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करेंगे. महाराष्‍ट्र के ये किसान पूर्ण कर्ज माफी और उचित मुआवजे की मांग को लेकर यह मार्च कर रहे हैं. उनकी मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना और पेंशन के मुद्दे भी शामिल हैं. इसके साथ ही किसान आदिवासी वनभूमि के आवंटन से जुड़ी समस्याओं के निपटारे की भी मांग कर रहे हैं ताकि आदिवासी किसानों को उनकी ज़मीनों का मालिकाना हक मिल सके. Also Read - Palghar mob lynching case: कोर्ट ने गिरफ्तार 89 लोगों को जमानत दी, बताई ये वजह

शिव सेना पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई में रविवार को किसानों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया. Also Read - मुंबई में पति ने पत्‍नी को लोकल ट्रेन से दिया धक्‍का, नीचे गिरने पर हुई मौत, दो माह पहले की थी शादी

नासिक से मुंबई की 180 किलोमीटर की दूरी तय कर ये किसान यहां पहुंचे हैं. नासिक से ये रैली 7 मार्च को शुरू हुई थी और किसान हर रोज करीब 25 से 30 किलोमीटर पैदल चल रहे थे. कर्ज माफी समेत कई मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे इन किसानों में राज्‍य की बीजेपी सरकार को लेकर असंतोष है. उनका मानना है कि सरकार किसानों के विकास के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में असफल रही है.

अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों की पूर्ण कर्ज माफी सहित अन्‍य मांगों को लेकर नासिक से मुंबई तक की यात्रा का ऐलान किया है. उनका कहना है कि सरकार को हाइवे और बुलेट ट्रेन जैसे विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पना बंद करना चाहिए. उन्होंने बीजेपी पर किसान विरोधी राजनीति करने का भी आरोप लगाया है.

एआईकेएस के राज्य महासचिव अजित नवले के अनुसार किसान सरकार की ओर से उनसे किए गए वादों को लागू नहीं करने को लेकर जवाब मांगेंगे. नवले ने बताया कि राज्य के किसान कृषि संकट से जूझ रहे हैं और वे भारी वित्तीय बोझ के तले दबे हैं. सरकार ने उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए उनके पास विरोध मार्च के माध्यम से अपने आक्रोश को व्यक्त करने के अलावा कोई चारा नहीं है.