गांधीनगर. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विधानसभा को मंगलवार को बताया कि राज्य में पिछले दो साल में 863 हिंदुओं और 35 मुसलमानों समेत 911 लोगों ने अपने धर्मांतरण के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है. राज्य के गृह मंत्रालय का प्रभार संभालने वाले रूपाणी ने लिखित उत्तर में बताया कि 911 में से 689 लोगों को अनुमति दी गई है.

गुजरात विधानसभा का बजट सत्र यहां मंगलवार को प्रश्नकाल से आरंभ हुआ. कांग्रेस के विधायकों ने गृह विभाग से धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन देने वाले लोगों की पिछले दो साल (31 मई 2019 तक) की जानकारी मांगी थी. उसी के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह सूचना दी. रूपाणी ने बताया कि 911 आवेदन पत्रों में से हिंदुओं के 863, मुसलमानों के 35, ईसाइयों के 11, खोजा का एक और बौद्ध का एक आवेदन मिला है.

उन्होंने बताया कि धर्म परिवर्तन की अनुमति मांगने वाले हिंदुओं में सर्वाधिक संख्या सूरत जिले (474) के लोगों की है. इसके बाद जूनागढ़ (152) और आणंद (61) के हिंदुओं ने आवेदन किया है. गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे इसके लिए सरकारी प्राधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य है. जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए यह कानून 2008 में लागू किया गया था.