नई दिल्ली: गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के पार्थिव शरीर घरों-गाँवों में ले जाए गए. शहीदों की अंतिम यात्रा में जो भी शामिल हुआ, उसके लिए ये बेहद भावुक करने पल था. कई जगहों पर लोगों ने बाज़ार बंद कर दिए. घरों की छतों पर खड़े होकर फूल बरसाए. नारों की आवाज़ गूंजती रहीं. अधिकतर शहीदों के छोटे-छोटे बच्चे हैं. परिजनों का करुण क्रंदन देख हर आँख नम हो गई. Also Read - जम्मू-कश्मीऱ: अनंतनाग में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, इलाके में शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

देश के कई हिस्सों से थे शहीद सैनिक
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत व चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले एक कमांडिंग ऑफिसर सहित 20 सैनिक देश के लगभग सभी हिस्सों के रहने वाले थे. पश्चिम में पंजाब से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल और बिहार तक के सैनिक शहीद हुए हैं. कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू तेलंगाना से थे. Also Read - Jammu and Kashmir Latest news: कश्मीर के बारामूला में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी समेत तीन आतंकवादी ढेर

ये हुए हैं शहीद
शहीद हुए 20 भारतीय जवानों में एक कर्नल, तीन नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक नायक और 12 सिपाही शामिल हैं. कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू हैदराबाद से हैं, जो उस कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर थे. इसके अलावा तीन नायब सूबेदार हैं, जिनमें ओडिशा के मयूरभंज जिले से नादुराम सोरेन, पंजाब के पटियाला से मंदीप सिंह और पंजाब के गुरदासपुर से सतनाम सिंह शामिल हैं. Also Read - भारतीय सेना ने 72 हजार अमेरिकी राइफलों का दिया ऑर्डर, बंदूक की खासियत है कमाल

तीन हवलदारों में तमिलनाडु के मदुरई से के. पलानी, बिहार के पटना से सुनील कुमार और उत्तर प्रदेश के मेरठ से बिपुल रॉय शामिल हैं. एक नायक मध्य प्रदेश के रीवा से दीपक कुमार हैं.

शहीद होने वाले 12 सिपाहियों में पश्चिम बंगाल के बीरभूम से राजेश ओरंग, झारखंड के साहिबगंज से कुंदन कुमार ओझा, छत्तीसगढ़ के कांकेर के गणेश, ओडिशा के कंधमाल से चंद्रकांत प्रधान, हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर से अंकुश, पंजाब के संगरूर से गुरबिंदर, पंजाब के मनसा से गुरतेज शामिल हैं.

इसके अलावा शहीद सैनिकों में बिहार के भोजपुर से चंदन कुमार, सहरसा से कुंदन कुमार, समस्तीपुर से अमन कुमार, वैशाली से जय किशोर और झारखंड के पूर्वी सिंहभूम से गणेश हांसदा शामिल हैं.