नई दिल्ली। केंद्रीय सतर्कता आयोग ( सीवीसी ) की एक ताजा रपट के अनुसार बीते साल उसे भ्रष्टाचार से जुड़ी सबसे अधिक शिकायतें रेलवे और सार्वजनिक बैंकों के खिलाफ मिली. सालाना रपट के अनुसार 2017 में आयोग को मिलने वाली शिकायतों में पूर्व साल की तुलना में 52 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई. Also Read - Indian Railway News/IRCTC: ट्रेन टिकट पर रेलवे आपको देगी 10 फीसद की छूट, जानिए क्यों...

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संसद में हाल ही में पेश रपट के अनुसार आयोग को 2017 में कुल 23,609 शिकायतें मिलीं जो कि 2011 के बाद सबसे कम है. साल 2016 में आयोग को 49,847 शिकायतें मिली थीं. इसमें कहा गया है कि ज्यादातर शिकायतों के आरोप अस्पष्ट या ऐसे पाए गए जिनका सत्यापन नहीं किया जा सके. Also Read - भारत में कोरोना वैक्सीन की 'ढुलाई' में लगाई जाएंगी ट्रेनें! रेलवे ने कहा- हम सरकार के साथ संपर्क में हैं

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आयोग को राज्य सरकारों और अन्य संगठनों में काम कर रहे लोकसेवकों के खिलाफ भी अनेक शिकायतें मिलीं जो कि आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते या प्रशासनिक प्रकृति के हैं. रपट में कहा गया है कि आयोग को 2015 में भ्रष्टाचार की 29,838 शिकायतें मिलीं. इससे पहले 2012 में यह संख्या 37,039 जबकि 2013 में 31,432 और 2014 में 62,362 रही.

बता दें कि रेलवे में खानपान से जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा आती हैं. खाने को लेकर अक्सर विवाद सामने आते हैं. घटिया क्वालिटी का खाना परोसे जाने को लेकर यात्रियों और केटरर में झगड़ा आम बात है. रेलवे ने इसमें सुधार के लिए कई कदम भी उठाए हैं. हाल ही में ऐसा ऐप भी लॉन्च करने की योजना बनाई गई है जिसमें यात्रियों से ज्यादा पैसा वसूलने पर शिकायत दर्ज कराई जा सके.

(भाषा इनपुट)