नई दिल्ली: कांग्रेस की ओर से सोमवार को बुलाए गए ‘भारत बंद’ के दौरान कई विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रदर्शन करेंगी. एनसीपी प्रमुख शरद पवार, द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन और वामपंथी नेताओं ने कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ का खुला समर्थन किया है जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इस बंद से दूर रहने का निर्णय किया है.

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि जिन मुद्दों पर बंद बुलाया जा रहा है, वह उस पर साथ है, लेकिन पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषित नीति के मुताबिक वह राज्य में किसी तरह की हड़ताल के खिलाफ है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 52 महीनों में देश के लोगों से 11 लाख करोड़ रुपए लूटे हैं और भाजपा सरकार चलाने की बजाय मुनाफाखोर कंपनी चला रही है.

उन्होंने कहा कि जिस तरह गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतें हर रोज बढ़ रही हैं, उससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है. सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों का कोई जिक्र नहीं किया गया, क्योंकि उन्हें लोगों के दुख-दर्द से कोई मतलब ही नहीं है.’’

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाजपा को सत्ता से बेदखल करके देश में बदलाव लाएं. द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने कहा, ‘‘द्रमुक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जबर्दस्त बढ़ोतरी को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ को पूरा समर्थन देगा.’’

बंद के आह्वान के मद्देनजर कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी हिंसक प्रदर्शन में शामिल नहीं हों. इससे पहले, कांग्रेस ने कहा कि कई चैंबर ऑफ कॉमर्स और कारोबारी संगठनों के अलावा 21 विपक्षी दल इस भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं.

पार्टी की मांग है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाए जिससे तेल के दाम 15 से 18 रूपये तक गिर सकते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन ने कहा, ‘‘मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बंद को हिंसा मुक्त बनाने का अनुरोध करता हूं. हम महात्मा गांधी की पार्टी के हैं और हमें अपने आप को किसी हिंसा से नहीं जोड़ना चाहिए.’’

रविवार को पेट्रोल और डीजल के दाम नई ऊंचाई पर पहुंच गए. रविवार को पेट्रोल के दामों में 12 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 10 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. जिससे यह अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए. माकन ने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कच्चे तेल के बढ़ते दामों पर चुप्पी साधी गई और महंगाई या रूपये की गिरावट पर कोई चर्चा नहीं हुई. ये ऐसे मामले हैं जो सीधे आम आदमी से जुड़े हैं.

(इनपुट: एजेंसी)