नई दिल्ली. वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा ने भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी को नेशनल हेराल्ड मामले के बारे में सोशल मीडिया पर सूचनाएं साझा करने से रोकने के लिए अदालत का रुख किया. स्वामी ने वोरा, राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया और अन्य के विरुद्ध मामला दायर कर रखा है. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के सामने दायर अपने आवेदन में वोरा ने कहा कि उन्होंने बार-बार इस पर ध्यान दिया है कि शिकायतकर्ता (स्वामी) आरोपियों की मानहानि करने और अदालत की प्रक्रिया तिरस्कृत करने के उद्देश्य से इस मामले की दैनिक कार्यवाही के सिलसिले में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते आ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता सरेआम प्रचार में लगे हैं जो न्याय प्रदान करने के मामले में दखल है.’’इस बीच अदालत ने शिकायतकर्ता के तौर पर स्वामी के बयान का एक हिस्सा दर्ज किया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 25 अगस्त तय की. उस दिन अदालत उनकी बाकी गवाही दर्ज करेगी.

ये हैं आरोप
बीजेपी नेता ने एक निजी आपराधिक शिकायत में गांधी और अन्य पर धोखाधड़ी और रकम की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ‘यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए महज 50 लाख रूपये की रकम देकर एसोसिएट जर्नल्स से कांग्रेस द्वारा वसूले जाने वाली 90.25 करोड़ की रकम का अधिकार हासिल कर लिया. इस मामले में राहुल और सोनिया के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, पार्टी महासचिव ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है. सभी आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है.

अदालत ने दी थी जमानत
अदालत ने सभी आरोपियों और यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 26 जून 2014 के लिए तलब किया था. अदालत ने 19 दिसंबर 2015 को सोनिया, राहुल, वोरा, फर्नांडिस और दुबे को जमानत दे दी थी. पित्रोदा को 20 फरवरी 2016 को जमानत दे दी थी.