मुंबई: अपनी सुपरहिट तेलुगु फिल्म ‘‘अर्जुन रेड्डी’’ की हिंदी में रीमेक ‘‘कबीर सिंह’’ बनाने वाले निर्देशक संदीप रेड्डी वंगा एक ‘‘असामान्य प्रेम कहानी’’ बनाना चाहते थे जिसमें मुख्य किरदार के पास लड़की को देखने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक ‘‘विशिष्ट तरीका’’ हो. शहीद कपूर ने फिल्म में अपने दमदार अभिनय से फिल्म में जान फूंक दी है. फिल्म की प्रेम कहानी के साथ ही उनका अभिनय भी असाधारण ही कहा जा सकता है.

‘कबीर सिंह’ इस कहानी पर आधारित तीसरी फिल्म है. इस पर तमिल में ‘‘आदित्य वर्मा’’ नाम से भी फिल्म बनी है. फिल्म में कबीर सिंह की भूमिका शाहिद कपूर ने निभाई है. इसके सभी तीन संस्करणों में गुस्सैल युवा प्रेमी को केंद्रीय चरित्र के रूप में चित्रित किया है, जो एक मेडिकल कॉलेज का छात्र होता है, जो दिल टूटने के बाद नशेड़ी बन जाता है और आत्म-विनाश के रास्ते पर चल देता है.

फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वंगा का कहना है कि, ‘‘यदि आप इसे लड़का-लड़की के मिलन जैसी कहानी के तौर पर बनाते, तो यह साधारण बनकर रह जाती. कहानी को असाधारण बनाना चाहता था. यह एक ऐसे चरित्र के बारे में है, जिसके पास लड़की को देखने का एक विशिष्ट तरीका है, लड़की के लिए अपनी भावनाओं और प्यार को व्यक्त करने का एक विशिष्ट तरीका है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह फिल्म इस बारे में है कि प्यार के कारण अचानक उसका जीवन कैसे बदल जाता है. प्यार चीजों को बदल देता है. मैंने कहानी, चरित्र को यथासंभव वास्तविक और सरल बनाने की कोशिश की है.’’