मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को काफिला निकालना पड़ा महंगा, कारण बताओ नोटिस जारी

Written By: India.com Hindi News Desk Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:May 14, 2026 9:36 PM IST

नोटिस मिलने के बाद सौभाग्य सिंह अब मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के ऑफिस और परिसर में प्रवेश, निगम की गाड़ियों और संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

सैकड़ों गाड़ियों का काफिला निकालकर वायरल होने वाले मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें वाहन रैली आयोजित करने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सरकार ने सौभाग्य सिंह के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं.

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के OSD अजातशत्रु श्रीवास्तव की ओर से जारी नोटिस कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स और डिजिटल सोशल मीडिया माध्यमों से यह जानकारी संज्ञान में आई कि अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करते समय 200 वाहनों की विशाल रैली निकाली गई. CM ऑफिस ने इसे शासन के दिशा-निर्देशों के प्रतिकूल बताते हुए गंभीर अनुशासनहीनता माना है.

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राष्ट्रीय संसाधनों की फिजूलखर्ची

लेटर में कहा गया है कि इस तरह की वाहन रैली न सिर्फ राष्ट्रीय संसाधनों के अपव्यय को दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए अपेक्षित सादगी, जवाबदेही और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के विपरीत भी है. लेटर में आगे लिखा गया कि मामले की जांच पूरी होने तक सौभाग्य सिंह के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं.

अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता

सौभाग्य सिंह अब मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के ऑफिस और परिसर में प्रवेश, निगम के वाहन, संसाधन व कर्मचारियों का उपयोग, निगम की बैठकों में भागीदारी या अध्यक्षता, किसी भी प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय में सहभागिता नहीं कर सकेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक जीवन में सादगी, जवाबदेही और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. शासन की गरिमा के खिलाफ किसी भी प्रकार के आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा.

PM मोदी ने की थी पेट्रोल बचाने की अपील

बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग को लेकर मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव से सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित है. ऐसे में दुनिया के ज्यादातर देश कोविड मॉडल को अपना रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लोगों से फ्यूल बचाने और रिसोर्सेज का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की है. प्रधानमंत्री ने खुद भी अपने काफिले में 2 गाड़ियां कम कर दी हैं. इसके बाद राज्य सरकारें भी फ्यूल बचाने और वर्क फ्रॉम होम मॉडल को अपना रही हैं.

राज्य सरकारों ने अपनाया कोविड मॉडल

दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए 2 दिन का वर्क फ्रॉम होम और एक दिन का मेट्रो डे घोषित किया है. कई नेता और मंत्री EV कार का इस्तेमाल कर रहे हैं. गुरुवार को परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बुलेट चलाकर मंत्रालय पहुंचे. वहीं, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने भी फ्यूल की बचत के लिए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा दी हैं.

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