रायसेन: जिले में गौहरगंज की अदालत ने सोमवार को साढ़े तीन साल की बालिका के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या करने के अपराध में 24 वर्षीय युवक को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है. मध्यप्रदेश में इस साल अब तक 16 मामलों में दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. इनमें बालिकाओं के साथ बलात्कार के 14 मामले हैं. एमपी में एक साल में मृत्युदंड की सबसे अधिक सजाएं सुनाई गई हैं. बच्चों के साथ रेप के मामलों में देश के किसी दूसरे राज्य की कोर्ट्स ने इतनी अधिक मृत्युदंड की सजाए नहीं सुनाई गई हैं.

पॉक्सो एक्ट में भी दोषी
गौहरगंज के अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश, गौहरगंज सुरेखा मिश्रा ने जितेंद्र उइके को उसकी दूर की रिश्तेदार साढ़े तीन वर्षीय बालिका के साथ रेप और हत्‍या के मामले में आईपीसी की धारा 376 और धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है. युवक को पॉक्सो एक्ट की धाराओं में भी दोषी पाया गया है.

जज ने कहा- पशुओं की प्राणी जन्य संवेदना भी नहीं 
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि न्यायाधीश ने अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि जानवर भी उसके साथ प्रेम करने वाले प्राणियों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करता लेकिन आरोपी ने उसी परिवार के निकटतम रिश्तेदार की बालिका के साथ इस प्रकार बर्बर कृत्य किया, जो उसे अपने घर में सहारा दिए हुए थे. उसका यह कृत्य यही दर्शाता है कि उसमें न केवल मानवीय संवेदना का अभाव है, बल्कि पशुओं में पाई जाने वाली प्राणी जन्य संवेदना का भी अभाव है.

बर्बरता की सारी हदें पार की थी
आरोपी  जितेंद्र 13 अगस्त 2018 की शाम को बालिका को उसकी दादी के घर से बालिका के पिता के घर छोड़ने का कहकर ले गया. लेकिन बालिका को उसके पिता के घर छोड़ने के बजाय वह उसे जंगल में सुनसान जगह पर ले गया और बलात्कार करने के बाद गला घोंटकर बालिका की हत्या कर लाश को जंगल में छिपा दिया.

एमपी में सबसे ज्‍यादा मौत की सजाएं 
महानिदेशक (लोक अभियोजन) राजेन्द्र कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल अब तक 16 मामलों में दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. इनमें बालिकाओं के साथ बलात्कार के 14 मामले हैं. इसके अलावा एक मामला एक लड़के के साथ लड़के द्वारा अप्राकृतिक कृत्यु और एक सामान्य हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. उन्होंने कहा, ”एक साल में मध्यप्रदेश में मृत्युदंड की सबसे अधिक सजाएं सुनाई गई हैं. बच्चों के साथ बलात्कार के मामलों में देश के किसी अन्य राज्य में अदालतों द्वारा मृत्युदंड की इतनी सजाए नहीं सुनाई गई हैं.”