C-130J Super Hercules: C-130J सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट को सपोर्ट करने के लिए बेंगलुरु में एक नई डिफेंस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) फैसिलिटी बनाई जाएगी. 8 दिसंबर को, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लॉकहीड मार्टिन ने नए MRO की शुरुआत की घोषणा कीहै. भारत ने 14 साल पहले 2011 में पहला C-130J लिया था. आज हमरे पास ऐसे 12 विमान हैं.
क्या है प्रोजेक्ट की टाइमलाइन
इस एमआरओ सेंटर का कंस्ट्रक्शन 2026 में पूरा होने की उम्मीद है और इस फैसिलिटी को 2027 की शुरुआत में MRO ऑपरेशन के लिए पहला C130 मिलने की उम्मीद है.
क्या होगा इस प्रोजेक्ट का फायदा
यह डिपो-लेवल और हेवी मेंटेनेंस, कंपोनेंट रिपेयर, ओवरहॉल, और स्ट्रक्चरल चेक और टेस्टिंग, स्ट्रक्चरल रेस्टोरेशन और एवियोनिक्स अपग्रेड, इंडियन इंजीनियरों और मेंटेनर्स के लिए एक्सटेंडेड ट्रेनिंग, और C‑130 सप्लाई चेन में इंडियन सप्लायर्स के लिए नए मौके देगी. इससे पहले विमान को मरम्मत के लिए अमेरिका ले जाना पड़ता था लेकिन एमआरओ सेंटर खुलने के बाद ये सभी काम भारत में होंगे. इससे बचत भी होगी और नौकरियों के नए अवसर भी आएंगे.
यह सेंटर सिर्फ भारतीय विमानों को नहीं बल्कि दूसरे एशियाई देशों के विमानों को भी सुविधा और सेवा प्रदान करेगा. बता दें कि C‑130 MRO फैसिलिटी केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) के पास भटरामरनाहल्ली में लोकेटेड है.
क्या बोले अधिकारी
लॉकहीड मार्टिन के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर फ्रैंक सेंट जॉन ने कहा, आज का ग्राउंडब्रेकिंग दिखाता है कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और भारत के साथ हमारा कोलेबोरेशन कितना आगे बढ़ चुका है, और हम साथ मिलकर कहां जा रहे हैं,। सात दशकों से ज़्यादा समय से, हम भारत के बढ़ते एयरोस्पेस और डिफ़ेंस इंडस्ट्रियल बेस के साथ-साथ आगे बढ़े हैं. यह भारत में वर्ल्ड-क्लास सस्टेनेबिलिटी कैपेबिलिटी लाती है, इंडियन एयर फ़ोर्स के लिए तैयारी को बेहतर बनाती है, हम आने वाले दशकों तक भारत के लिए और भारत से कैपेबिलिटी बनाने के लिए कमिटेड हैं.
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लॉकहीड मार्टिन एयर मोबिलिटी एंड मैरीटाइम मिशन्स के वाइस-प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर रॉड मैकलीन ने कहा, C-130J सुपर हरक्यूलिस भारत के मिलिट्री और मानवीय मिशन के लिए एक आजमाया हुआ और कारगर विमान है. यह डिफेंस MRO फैसिलिटी पैसिफिक में रिस्पॉन्स टाइम और सिक्योरिटी को बेहतर बनाएगी.
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