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नई दिल्ली, 2 मार्च | जम्मू एवं कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पाकिस्तान को श्रेय देने संबंधी मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान को लेकर सोमवार को राज्यसभा में हंगामा हुआ, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्र-विरोधी करार दिया है। कांग्रेस नेता शांतारमण नाईक ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा, “जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कल (रविवार)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में शपथ ली। इसके बाद संवाददाता सम्मेलन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, वह न सिर्फ विवादास्पद बल्कि राष्ट्र को आहत करने वाला है।”  यह भी पढ़ें– जम्मू-कश्मीर: मुख्यमंत्री बनते ही मुफ़्ती सईद ने उगला जहर, कहा आतंकियों और पाक की मदद से बना चुनावी माहौल Also Read - J&K शांति का ब्रिज बने, पड़ोसी चाहे पाकिस्‍तान हो चीन, सरकार को यह करना होगा: महबूबा मुफ्ती

नाईक के अनुसार, “मुफ्ती ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्वक उस पार की वजह से संपन्न हो पाए। उन्होंने पाकिस्तान की ओर संकेत किया। इसके बाद उन्होंने आतंकवादियों और हुर्रियत का नाम लिया। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव का श्रेय इन तीनों को दिया।” कांग्रेस के ऐसा कहने पर विपक्षी नेता ‘शेम, शेम’ के नारे लगाने लगे। नाईक ने कहा, “बयान राष्ट्र विरोधी है। भाजपा के प्रवक्ता तुरंत ही बचाव की स्थिति में आ गए और कहा कि यह ‘गलत’ बयान है। भाजपा खुद शर्मशार है। मैं यह कहूंगा कि यह पद की शपथ का उल्लंघन है। शपथ-ग्रहण के कुछ ही मिनट बाद उन्होंने राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रति निष्ठा दिखाते हुए शपथ का उल्लंघन किया।”

उन्होंने कहा, “दूसरी बात, निर्वाचन आयोग की क्या जिम्मेदारी रही? यह निर्वाचन आयोग और सुरक्षा बल और जम्मू एवं कश्मीर जनता है, जिन्होंने यह संभव कर दिखाया। जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री ने इनमें से किसी को श्रेय नहीं दिया।” उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उनके द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) के नेता के.सी.त्यागी ने कहा कि भाजपा ने भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों की हत्या कर दी।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हालांकि यह कहकर स्थिति संभालने की कोशिश की कि राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव का श्रेय वहां की जनता को जाता है। लेकिन विपक्ष का हंगामा नहीं थमा।