प्रयागराज: अयोध्या में राम मंदिर को लेकर उच्चतम न्यायालय के बहुप्रतीक्षित फैसले से पहले केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यहां कहा कि इस फैसले को लेकर जीत का जुनूनी जश्न नहीं होना चाहिए और न ही हार का हाहाकारी हंगामा होना चाहिए. यहां उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में 10 दिनों तक चलने वाले हुनर हाट का उद्घाटन करने आए नकवी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ऐसे (अयोध्या मामला) संवेदनशील मुद्दे पर हमारा यही मानना है कि उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला आता है, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए.

हुनर हाट के बारे में उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रथम 100 दिनों में ही उनके मंत्रालय ने देश के अलग अलग हिस्सों में 100 हुनर हब स्वीकृत किए हैं जहां दस्तकारों, शिल्पकारों, पारंपरिक खानसामों को मौजूदा जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनके हुनर को निखारा जाएगा. मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में देश के प्रख्यात आर्थिक केंद्रों में आयोजित 12 से अधिक हुनर हाट के जरिए ढाई लाख से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं.

नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अगले पांच वर्षों में देश के विभिन्न क्षेत्रों में 100 हुनर हाट का आयोजन करेगा. आने वाले दिनों में दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेरी, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुवनेश्वर, अजमेर आदि में हुनर हाट का आयोजन किया जाएगा.

मंत्री ने बताया कि अगला हुनर हाट दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर और मुंबई में 20 से 31 दिसंबर के बीच आयोजित होगा. प्रयागराज में आयोजित हुनर हाट में देश के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक दस्तकार, शिल्पकार और खानसामें हिस्सा ले रहे हैं. वर्ष 2019-20 के सभी हुनर हाट ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर आधारित होंगे.