दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने तबलीगी जमात प्रकरण के बाद खड़े हुए विवाद को लेकर बयान दिया है. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि किसी एक संस्था या व्यक्ति के गुनाह को पूरे समुदाय के गुनाह के तौर पर नहीं देखा जा सकता है. इसमें पूरे समुदाय की कोई गलती नहीं है. नकवी के मुताबिक जमात प्रकरण के बाद फर्जी खबरें और अफवाह फैलाने वाले पूरे देश और इंसानियत के दुश्मन हैं. नकवी का यह बयान तब्लीगी जमात के एक आयोजन में शामिल हुए कई लोगों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद सोशल मीडिया एवं कुछ अन्य जगहों पर विवादित बहस छिड़ने की पृष्ठभूमि में आया है. Also Read - Oxygen shortage: अफवाह और फेक न्यूज फैलाने वालों की संपत्ति जब्त की जाए: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

मुख़्तार अब्बास नकवी ने ये विश्वास भी जताया कि रमजान के पवित्र महीने में संपूर्ण मुस्लिम समुदाय लॉकडाउन और सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपने घर पर इबादत एवं इफ्तार करेगा. इसी विवाद के बीच पिछले दिनों इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी ने भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद नकवी ने कहा था कि भारत मुसलमानों के लिए स्वर्ग है और यहां अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं. Also Read - Marwa Elselehdar Suez Canal News: मिस्र की इस खूबसूरत महिला कैप्टन पर लगा स्वेज नहर में शिप फंसाने का आरोप! जानें क्या है हकीकत

तब्लीगी जमात प्रकरण के बाद सामने आई कुछ कथित घटनाओं पर नकवी ने कहा, ‘‘किसी एक संस्था या किसी एक व्यक्ति के गुनाह को पूरे समुदाय का गुनाह नहीं कहा जा सकता. उस संस्था ने जो भी अपराधिक लापरवाही या अपराध किया उसकी ज्यादातर मुसलमानों ने निंदा की और कार्रवाई की बात की. इसलिए किसी एक संस्था के गुनाह को पूरे कौम के गुनाह के रूप में नहीं देख सकते.’’ Also Read - Real Or Fake Ginger Buying Tips: खरीदने से पहले ऐसे करें नकली अदरक की पहचान?

उन्होंने कहा, ‘‘ फर्जी खबरें, अफवाहें फैलने वाले, और गुमराह करने वाली चीजें कुछ लोग पूर्वाग्रह के साथ कर रहे हैं. कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में जो एकजुटता दिखाई दे रही है, कुछ लोगों को वह हजम नहीं हो रही है. वे लोग एकजुटता को तोड़ना चाहते हैं. ये लोग मुल्क और पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं.’’ मंत्री ने कहा कि ऐसा करने वाले मुट्ठी भर लोग हैं जिन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है. हाल ही में राज्य वक्फ बोर्डों और उलेमाओं से बात करने के बाद लोगों से रमजान में लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करने की अपील करने वाले अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने विश्वास जताया कि सभी लोग इस पवित्र महीने में अपने घरों पर ही इबादत और इफ्तार करेंगे.

मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘कोई भी मुसलमान रमजान में मस्जिदों से दूर नहीं रहना चाहता. लेकिन कोरोना के कहर के कारण पूरी दुनिया और हिंदुस्तान के उलेमा एवं संगठनों ने तय किया है कि इस पाक महीने में मस्जिदों, अन्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और इफ्तार का आयोजन नहीं करेंगे. यह अच्छी बात है.’’ नकवी ने मुस्लिम समुदाय से यह अपील भी की, ‘‘हमें इस महीने खुदा से दुआ करनी चाहिए कि हमारे मुल्क और पूरी दुनिया को कोराना से निजात मिले और इंसानियत की रक्षा हो.’’ यह पूछे जाने पर कि पूरा मुस्लिम समुदाय कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा दिख रहा है तो उन्होंने कहा, ‘‘ बिल्कुल. पूरा देश इस लड़ाई में एकजुट होकर साथ खड़ा हुआ है. नरेंद्र मोदी जी ने जब हाथ जोड़कर मुल्क के नागरिकों से अपील की थी तो सभी 130 करोड़ लोगों से अपील की थी. उनकी अपील को सभी ने स्वीकार किया और उस पर पूरी तरह अमल किया.’’ नकवी के अनुसार देश के सभी लोगों को यकीन है कि प्रधानमंत्री लोगों और देश के भले के लिए काम कर रहे हैं.