कोलकाता, 18 जनवरी | तृणमूल कांग्रेस के नेता मुकुल रॉय ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में बनगांव लोकसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव एक चुनौती होगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री रॉय ने यह भी कहा कि वह किसी भी अनधिकृत गतिविधि में संलिप्त नहीं हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले में पूछताछ के लिए सम्मन किया है।

उत्तर 24 परगना जिले के इस संसदीय क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तृणमूल के महासचिव रॉय ने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि बंगाल को गलत रूप में पेश किया जा रहा है। रॉय ने कहा, “यह लोकसभा उपचुनाव लोगों के लिए एक चुनौती है, और यह पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊपर है कि वे जनता को समझाएं, ममता बनर्जी सरकार का संदेश, विकास का उनका एजेंडा और यह सुनिश्चित करें कि हमारी यहां जीत हो।”

यहां 13 फरवरी को प्रस्तावित उपचुनाव तृणमूल सांसद कपिल कृष्ण ठाकुर के निधन के कारण हो रहा है। इस सीट पर उपचुनाव का अधिक महत्व सत्ताधारी पार्टी के लिए इसलिए है, क्योंकि दिवंगत ठाकुर के भाई और ममता सरकार में मंत्री मंजुल कृष्ण ठाकुर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।  तृणमूल ने कपिल कृष्ण की विधवा ममताबाला को इस सीट पर उम्मीदवार बनाया है।

शारदा घोटाले की जारी जांच के सिलसिले में तृणमूल के राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष, सृंजय बोस और राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्रा पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, और इस सिलसिले में सीबीआई ने रॉय को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। लेकिन रॉय ने खुद को बेगुनाह बताया है। रॉय ने दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले कहा, “ऐसा कहा जा रहा है कि हमने कुछ अनधिकृत काम किया है, लेकिन मैं एक बार फिर दोहराता हूं कि एक जिम्मेदार नेता और तृणमूल के कार्यकर्ता के नाते या व्यक्तिगत रूप में भी मैंने कभी कोई अनधिकृत काम नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “मीडिया का एक वर्ग इस तरह दिखा रहा है जैसे हम शांति में खलल डाल रहे हैं और बंगाल जल रहा है। इसलिए मैं उनसे पूछता हूं कि चार वर्षो के हमारे कार्यकाल के दौरान ऐसी कितनी घटनाएं घटीं? वे कुल घटनाओं का आधा प्रतिशत भी नहीं पाएंगे। इसका मतलब यह कि बंगाल में शांति है।”

उन्होंने कहा कि बनर्जी आने वाले वर्षो में एकता का प्रतीक बनी रहेंगी।