नई दिल्ली/चेन्नई. तमिलनाडू में कई करोड़ के लोन स्कैम का भंडाफोड़ हुआ है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विरुद्धनगर और थेनी जिले में 60 करोड़ रुपये के एसबीआई लोन में फर्जीवाजड़ा का खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि लोन के बाद लोन लेने वाले को पेपर में मृतक दिखा दिया गया है. इस मामले में दो शख्स को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि पिछले 6 महीने में तकरीबन 15 लोगों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. वहीं, कुछ लोग गायब भी हैं.Also Read - What is bridge loan: ब्रिज लोन क्या है और क्या हैं ब्याज दरें, यहां जानिए सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अभी तक किसी तरह की जांच नहीं हुई है. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि सभी मृतक दक्षिण तमिलनाडू के नजदीक के गांव विरुद्धनगर के रहने वाले हैं. इन सभी के नाम से लोन लिए गए थे. इनमें से तीन के नाम महालिंगम, पांडी और राजागोपाल हैं. पुलिस के मुताबिक, राजागोपाल अपने घर के पास ही सड़क पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला था. वहीं, अन्य अपने घर पर ही मृत मिले थे. Also Read - SBI cuts lending and retail term deposit rate | SBI ग्राहकों के आए 'अच्छे दिन', बैंक ने उठाया बड़ा स्टेप, सस्ता हुआ लोन

पुलिस में मामला दर्ज
पुलिस ने इन मामलों को अप्राकृतिक मौत मानते हुए सीआरपीसी के सेक्शन 174 के तहत मामला दर्ज केस बंद कर दिया था. बताया जा रहा है कि सभी उसी मील में काम करते थे, जिसके एक मालिक को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है.

ऐसे किया गया था लोन सेंक्शन
एसबीआई के मुताबिक, 169 किसानों को 25 से 40 लाख तक मार्केट प्रोड्यूस लोन सेंक्शन किया गया था. पुलिस के मुताबिक, इनमें ज्यादातर दिहाड़ी पर काम करने वाले थे, जिनके सिग्नेचर मील के मालिकों ओएमएस वेलमुरुगन और उसके भतीजे आर शेनबगन ने लिया था. बताया जा रहा है कि इसके एवज में मिल मालिकों ने उन्हें सरकारी पेंशन दिलाने का भरोसा दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिग्नेचर और डॉक्युमेंट्स के साथ लोन को उनके टेंपरेरी बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया गया था, जहां से लोगों ने उसे निकाल लिया.