नई दिल्ली: इस समय भारत कोरोना की गिरफ्त मे है और तेजी से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं. कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक संकट के साथ से कई इंडस्ट्रीज का काम भी रुक गया है. कोरोना से बने हालात का असर अब भारत में हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की परियोजना पर भी पड़ रहा है. Also Read - क्या है भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना का ताजा हाल? रेलवे ने कहा- तीन से छह महीने में पता चलेगा

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के समय पर पूरा होने में विलंब हो सकता है क्योंकि महामारी के चलते भूमि अधिग्रहण के काम में देरी हुई है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. परियोजना का काम दिसंबर 2023 में पूरा होना प्रस्तावित है. भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करने में जापान मदद कर रहा है. Also Read - High Speed Trains: देश में हाई स्पीड ट्रेनों पर काम शुरू, इन 7 रूटों पर किया जाएगा संचालन

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन ने पहले ही परियोजना के लिए 63 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कर लिया है जिसमें गुजरात में लगभग 77 प्रतिशत भूमि, दादर नगर हवेली में 80 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 22 प्रतिशत भूमि शामिल हैं. Also Read - बुलेट ट्रेन पर उद्धव ठाकरे ने लगाई ब्रेक, बोले- समीक्षा करेंगे हम

अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी जैसे इलाकों में अभी भी भूमि अधिग्रहण से जुड़े कुछ मुद्दे हैं. अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल कंपनी ने नौ लोक निर्माण टेंडर मंगवाए थे लेकिन इन्हें कोरोना वायरस महामारी के कारण खोला नहीं जा सका. फिलहाल अभी यह नहीं मालूम हो सका है कि क्या इसके कारण परियोजना पूरा होने का जो समय तय किया गया था वो बढ़ाया जाएगा या नहीं