मुंबई: महाराष्ट्र के कई इलाकों में शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने बुधवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है. बारिश की वजह से मुंबई के कई इलाकों में यातायात ठप्प हो गया है. लोकल ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा है. मंगलवार को भी लोकल 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं. वसाई और विरार के बीच लोकल ट्रेनों को सस्पेंड कर दिया गया है. विरार और चर्चगेट के बीच ट्रेनें 10-15 मिनट की देरी से चल रही हैं. Also Read - Palghar mob lynching case: कोर्ट ने गिरफ्तार 89 लोगों को जमानत दी, बताई ये वजह

लगातार बारिश के चलते सोमवार रात बोरीवली पूर्व इलाके में 3 घरों के कुछ हिस्से धाराशायी हो गए. स्थानीय निवासियों के मुताबिक घटना रात 10 बजे करीब की बताई जा रही है. मौके पर पहुंची दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीम मलबा हटाने का का काम कर रही है. इससे पहले रविवार को कुर्ला इलाके में 4 मंजिला इमारत का कुछ हिस्सा गिर गया था. सोमवार दोपहर सैंड हर्स रोड रेलवे स्टेशन के पास भी ब्रिज का कुछ हिस्सा गिर गया था.

मुंबई के कई इलाके में रातभर बारिश होती रही. लोगों के घरों में पानी घुस गया है.बीएमसी के कर्मचारी रात भर सड़कों का पानी निकालने के लिए मशक्त करते दिखे. किंग सर्कल एरिया में सड़कों के दोनों तरफ करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी जम गया है. गाड़ियों को इस ब्रिज के नीचे से गुजरने में काफी परेशानी हो रही है.

मुंबई के सायन इलाके में भी बारिश का पानी जगह-जगह जमा हो गया है. हालांकि इन इलाकों में अभी घरों में पानी नहीं घुसा है. लेकिन सड़कें पानी में डूब गई हैं. सांताक्रूज इलाके में भी हालात खराब हैं. जिधर नजर जाएगा सिर्फ पानी ही पानी पड़ रहा है. जलजमाव के कारण इस जगह पर पानी भर गया है.

गौरतलब है कि सोमवार को बारिश की वजह से 90 ट्रेनों का परिचालन रद्द करना पड़ा था. पालघर जिले के वसई में जलभराव के कारण करीब 300 लोग अपने घरों में फंस गए. हालांकि यहां के लोगों ने जिला प्रशासन के इस जगह को खाली करने की अपील मानने से इंकार कर दिया. इसलिए इनके घरों के सामने एंबुलेंस खड़ी है.

सोमवार को इस मौसम में एक दिन में हुई यह सर्वाधिक बारिश है जिसके कारण कई सड़कों और गलियों में पानी भर गया. लोगों को घुटनों तक भरे पानी से गुजरना पड़ा. बारिश और कम दृश्यता के कारण वाहन सड़कों पर रेंगते रहे, सड़कों पर बने गड्ढों से समस्या और भी जटिल हो गयी है . कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी और कई लोग दफ्तर नहीं गए. पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ रेलवे पटरियां पानी में डूब गए जिस पर रेल यातायात रोक दिया गया है . हालांकि, अन्य पटरियों पर सीमित गति से रेलगाड़ियां चलती रहीं.