Night-life-170215

कहा जाता हैं कि मुंबई कभी नहीं सोती हैं। इसी कड़ी में अगर सबकुछ ठीक रहा तो मुंबई को फिर से ‘दिन में भागती, रात में जागती’ महानगरी कहा जाएगा। देश में पहली बार, डिस्को से लेकर पब, रेस्टोरेंट से लेकर मॉल रात भर खुले रह सकते हैं। प्रस्ताव शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का था जिसे प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है।

आदित्य ठाकरे का कहना है, ‘काला घोड़ा, बांद्रा-कुर्ला कॉम्‍प्‍लेक्‍स इत्‍यादि इलाके रात भर खुले रह सकते हैं। इसे कानूनी रूप से नाइट जोन घोषि‍त कर देना चाहिए। इसी तरह मॉल्‍स को भी रातभर खुला रखने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।  आर आर पाटील के निधन पर बॉलीवुड शोकाकुल

बता दे कि आदित्य ठाकरे इससे पहले मुंबई के मौजूदा पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से भी मिले थे। जिसके बाद मारिया ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेकिन उन्होंने मॉल आदि के रातभर खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। अभी यह प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार के पास जा सकता है जो इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगी।

जानकारी के अनुसार मारिया ने यह मंजूरी मुंबई में कानून-व्यवस्था की अच्छी स्थिति और अपराधों में कमी होने को देखते दी है। इस फैसले से मुंबई में पर्यटन और होटेल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और 24 घंटे खुलने वाले ऑफिसों, मार्केट और उद्योग-जगत को फायदा होगा। साथ ही इस निर्णय से मुंबई की नाइट लाइफ पुन: जीवित हो सकेगी। SHOCKING: राम जेठमलानी ने लीना चंदावरकर को किया Smooch, तस्वीर हुई लीक

आदित्य इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मिल चुके हैं, जिन्होंने प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति तो दी है, लेकिन कुछ बातों पर वो थोड़ा और सोचना चाहते हैं। वहीं ज्यादातर नौजवान भी इस प्रस्ताव से खुश हैं, लेकिन चाहते हैं कि शहर हर तरह से महफूज़ रहे।कुछ गैर-रहवासी इलाकों में मॉल्स को भी इसकी अनुमति दी जा सकती है।

मुख्यमंत्री यह प्रस्ताव पहले अपनी कैबिनेट के समक्ष रखेंगे, फिर कानून में संशोधन के लिए विधानसभा में पेश किया जाएगा। अगले माह शुरू होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में इसके पास होने की संभावना है।

गौरतलब हैं कि इस संबंध में बृहन्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) दो साल पहले प्लान तैयार किया था, लेकिन सरकार न मंजूरी नहीं दी थी। योजना के तहत दवाओं और दूध जैसी आम जरुरत की चीजों को रात में भी उपलब्ध कराना है।

वही अगर इस प्रस्ताव को सरकारी मंज़ूरी का इंतज़ार है, लेकिन अगर ऐसा होगा तो वाकई शहर में सैलानियों को आने की एक और वजह मिलेगी।