मुंबई को मिलेगा 120 KM का हाईस्‍पीड कोस्‍टल कॉरिडोर, बस इतने मिनट में पूरा होगा नरीमन पॉइंट से विरार तक का सफर

Mumbai Coastal Road Extension: उत्तान-विरार सी लिंक (UVSL) प्रोजेक्‍ट मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के अंदर एक हाई-स्पीड, 8 लेन वाला उत्तर-दक्षिण कोस्‍टल कॉरिडोर है. इसे भायंदर के पास उत्तान को विरार से 24.35 किलोमीटर के समुद्री पुल के जरिए जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है.

Published date india.com Published: November 27, 2025 5:39 PM IST
मुंबई को मिलेगा 120 KM का हाईस्‍पीड कोस्‍टल कॉरिडोर, बस इतने मिनट में पूरा होगा नरीमन पॉइंट से विरार तक का सफर
इस प्रोजेक्ट के फर्स्‍ट फेज में कुल 55.12 किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है.

मुंबई में कोस्टल रोड प्रोजेक्ट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को उत्तान-विरार सी लिंक (Uttan-Virar Sea Link) के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अपनी मंजूरी दे दी है. जिसके बाद कोस्टल रोड (Mumbai’s coastal Road Network) के एक्सटेंशन का रास्ता साफ हो गया है. 120 किलोमीटर लंबा ये कॉरिडोर शहर के पश्चिमी तटरेखा के किनारे बनने वाले भविष्य के रिंग रोड का आखिरी अधूरा हिस्सा बन जाएगा. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद नरीमन पॉइंट से विरार तक की दूरी 1 घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी. लोगों को नरीमन पॉइंट से विरार तक पहुंचने में बस 35 से 40 मिनट लगेंगे.

इस प्रोजेक्‍ट में उत्तान-विरार सी लिंक और इसके आगे वधावन पोर्ट तक एक्सटेंशन शामिल है.ये एक पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे होगा, जो दक्षिण मुंबई को वसई, विरार, पालघर से जोड़ेगा. आइए समझते हैं कि मुंबई में नया सी लिंक बनने के बाद लोगों की जिंदगी में क्या बदलाव आएगा:-

उत्तान-विरार सी लिंक प्रोजेक्ट क्या है?
उत्तान-विरार सी लिंक (UVSL) प्रोजेक्‍ट मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के अंदर एक हाई-स्पीड, 8 लेन वाला उत्तर-दक्षिण कोस्‍टल कॉरिडोर है. इसे भायंदर के पास उत्तान को विरार से 24.35 किलोमीटर के समुद्री पुल के जरिए जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है. ये प्रोजेक्ट का पहला फेज है.इसमें कॉरीडोर को विरार से पालघर में वाधवन पोर्ट तक और उत्तर की ओर एक्सटेंड किया जाएगा.

कितनी लागत से बनेगा कॉरीडोर?
इस प्रोजेक्ट के फर्स्‍ट फेज में कुल 55.12 किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है.इसमें उत्तान और विरार के बीच 24.35 किलोमीटर का सी लिंक, 9.32 किलोमीटर का उत्तान कनेक्टिंग रोड, 2.5 किलोमीटर का वसई कनेक्टिंग रोड और 18.95 किलोमीटर का विरार कनेक्टिंग रोड शामिल है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 58,754 करोड़ रुपये है.

कहां से आएगा पैसा?
इस प्रोजेक्ट के लिए मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) को विदेशी ऋणदाताओं से 44,332 करोड़ रुपये जुटाने की परमिशन दी गई है. जापान की JICA को प्राइमरी सोर्स के रूप में देखा जा रहा है. इसके साथ ही राज्य सरकार टैक्स, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के लिए 11,116 करोड़ रुपये का योगदान देगी. वहीं, MMRDA 3,306 करोड़ रुपये अलग से जोड़ेगी.

क्या यह सी लिंक दक्षिण मुंबई तक आवाजाही में सुधार करेगा?
उत्तान-विरार सी लिंक सीधे तौर पर दक्षिण मुंबई तक कनेक्टिविटी में सुधार नहीं करेगा. ये पश्चिमी मुंबई के साथ एक कोस्टल रोड नेटवर्क बनाने की राज्य के लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट का एक हिस्सा मात्र है.इससे शहर के चारों ओर एक रिंग रोड प्रभावी रूप से बन जाएगी. जब ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तो लोग दक्षिण मुंबई से विरार तक हाई-स्पीड कोस्टल रूट के जरिए आसानी से सफर कर पाएंगे. इससे समय की बहुत बचत हो जाएगी.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

सी लिंक मौजूदा किन समस्याओं को सुलझाएगा?
एक बार जब पूरा कोस्टल रोड बन जाएगा, तो सभी सी लिंक मिलकर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एसवी रोड और लिंक रोड पर दबाव कम करने में मदद करेंगे. ये तीनों ही रूट पर रोज भयंकर जाम रहता है. वहीं, इस लिंक से वर्सोवा के उत्तर में कोस्टल कनेक्टिविटी की कमी पूरी हो जाएगा. मौजूदा समय में वहां कोई डायरेक्ट कोस्टल रूट नहीं है.

लोगों का कितना समय बचेगा?
सी लिंक रोड बन जाने से विरार से दक्षिण मुंबई तक पहुंचने में करीब 45 से 55 मिनट लग सकते हैं. वसई या उत्तान से दक्षिण मुंबई तक जाने में 30 से 40 मिनट का वक्त लगेगा.

भायंदर, वसई और विरार के लोगों को क्या फायदा?
इन उपनगरों को दक्षिण मुंबई तक डायरेक्ट पहुंच मिल जाएगी.लोग दहिसर और मीरा रोड पर भीड़भाड़ वाले जंक्शनों से बच सकेंगे.वहीं सरकारी दफ्तरों,व्यापारिक जिलों और प्रमुख अस्पतालों आसानी से पहुंचा जा सकेगा.

सी लिंक मुंबई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कैसे जोड़ेगा?
विरार कनेक्टर सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ता है. इससे दिल्ली और गुजरात से लंबी दूरी का ट्रैफिक भीड़भाड़ वाले पश्चिमी उपनगरों से गुजरने के बजाय तटीय गलियारे के माध्यम से मुंबई में एंट्री कर पाएगा. यह पश्चिमी भारत में माल ढुलाई की तेज़ और ज्यादा कुशल आवाजाही को भी सक्षम करेगा.

ये प्रोजेक्ट वाधवन पोर्ट से कैसे जुड़ा है?
उत्तान-विरार सी लिंक प्रस्तावित कोस्टल एक्सप्रेसवे का दक्षिणी आधार बनाता है, जो पालघर में वाधवन पोर्ट तक एक्सटेंड होगा.ये पोर्ट और मुंबई के बीच एक सीधा, हाई-स्पीड माल ढुलाई मार्ग बनाएगा. इससे लॉजिस्टिक्स में सुधार होने की उम्मीद है.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.