नई दिल्ली. यूपी के देवरिया और बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम सेक्स स्कैंडल कांड की तपिश के बीच मुंबई पुलिस ने मानव-तस्करी रैकेट के सरगना राजूभाई गमलेवाला को गिरफ्तार किया है. गुजरात के रहने वाले राजू पर आरोप है कि उसने पिछले करीब 10 वर्षों में 11 से 16 साल की 300 बच्चियों का सौदा किया. इन लड़कियों को अमेरिका में बेचा गया और हर एक की कीमत 45 लाख रुपए लगाई गई. राजू ने अमेरिका में स्थित मानव-तस्करी से जुड़े गिरोह के साथ ये घिनौना सौदा किया. राजू, गुजरात ग्रामीण इलाकों की लड़कियों को खरीदता था और उसके बाद पासपोर्ट में फर्जीवाड़ा कर उन्हें अमेरिका भेज देता था. मुंबई पुलिस को इस गिरोह की जानकारी इसी साल मार्च में मिली थी, जिसके बाद गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मानव-तस्करी गिरोह का किंग-पिन पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था. लेकिन अब राजूभाई गमलेवाला की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी वह जल्द ही पकड़ लेगी.

लड़कियों को खरीदने और बेचने की दर्दनाक कहानी
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मुंबई में मानव-तस्करी गिरोह चलाने वाला राजूभाई द्वारा बेची गई लड़कियों में से अधिकतर गुजरात की रहने वाली हैं. एक पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘गरीब घरों के माता-पिता जिन किशोर उम्र की लड़कियों का पालन-पोषण नहीं कर पाते हैं, यह गिरोह ऐसे परिवारों को ढूंढ़ता था. आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब माता-पिता कुछ पैसों के लिए गिरोह के हाथों अपनी बेटियों को बेच देते हैं. इसके बाद इन लड़कियों को यह गिरोह अमेरिका भेजवा देता था.’ पुलिस के अनुसार, राजू गमलेवाला न सिर्फ अपने गिरोह के सदस्यों को बेटियों को बेचने वाले गरीब परिवारों को ढूंढ़ने के लिए कहता था, बल्कि गिरोह के सदस्य ऐसे परिवारों को भी ढूंढ़ते थे जो अपने बच्चों के पासपोर्ट किराए पर देने के लिए तैयार होते थे.

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लड़कियों के मिल जाने के बाद, किराए पर मिले पासपोर्ट की तस्वीरों में छेड़छाड़ कर, इन बच्चियों को अमेरिका भेजने का इंतजाम किया जाता था. लड़कियों को अमेरिका भेजने के लिए जिस ‘कैरियर’ (बच्चियों को ले जाने वाला व्यक्ति) का इस्तेमाल किया जाता था, वह भी इस गिरोह से मोटे पैसे लेता था. सौदा तय होने के बाद लड़कियों को ऐसे तैयार (मेकअप) किया जाता था, जिससे कि पासपोर्ट में लगी तस्वीरों से उनका चेहरा मिले और पुलिस को शक न हो. जरूरत पड़ने पर पासपोर्ट में भी फर्जीवाड़ा किया जाता था. एक बार लड़कियों को अमेरिका पहुंचाने के बाद पासपोर्ट वापस इसके मूल मालिक यानी ओरिजिनल पासपोर्ट-होल्डर को लौटा दिया जाता था. एक पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘पासपोर्ट जिस व्यक्ति का है, उसकी गैर-मौजूदगी में भी गिरोह द्वारा पेश पासपोर्ट पर एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारी मुहर कैसे लगा देते थे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है.’

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एक्टर प्रीति सूद की पहल से खुला खेल
मानव-तस्करी के इस शर्मनाक कारोबार का खुलासा इसी साल मार्च में हुआ था, जब मुंबई की एक अभिनेत्री प्रीति सूद को उनकी एक दोस्त ने फोन कर बताया कि वर्सोवा के एक सैलून में दो नाबालिग लड़कियों का मेकअप किया जा रहा है. प्रीति ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘जब मैं वहां पहुंची तो मुझे संदेह हुआ कि नाबालिग लड़कियों को वेश्यावृत्ति के लिए तैयार किया जा रहा था. लेकिन बाद में मुझे अहसास हुआ कि यह बड़ी गड़बड़ी है.’ प्रीति ने अखबार को बताया, ‘उन लड़कियों के साथ वहां 3 आदमी मौजूद थे. वे मेकअप करने वालों को लड़कियों को ठीक से तैयार करने के बारे में बता रहे थे. जब मैंने लड़कियों के बारे में पूछा तो उन लोगों ने बताया कि लड़कियों को अमेरिका में रहने वाले उनके माता-पिता के यहां भेजने के लिए तैयार किया जा रहा है. इस पर मैंने लड़कियों को साथ लेकर पुलिस स्टेशन चलने को कहा तो उन लोगों ने मना कर दिया. तब मैंने पुलिस को इत्तला दी.’ प्रीति ने पुलिस के आने तक किसी तरह दो लोगों को रोककर रखा, लेकिन तीसरा लड़कियों के साथ भाग निकला. प्रीति के अनुसार इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें से एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर का बेटा भी है.

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वाट्सएप नंबर से पकड़ा गया राजू गमलेवाला
पुलिस ने मानव-तस्करी रैकेट से जुड़े जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें रिटायर्ड पुलिसकर्मी का बेटा आमिर खान (26), ताजुद्दीन खान (48), अफजल शेख (35) और रिजवान चोटानी (39) शामिल है. पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ में मिले वाट्सएप नंबर के आधार पर राजू गमलेवाला को गिरफ्तार किया. पुलिस ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि राजू को इससे पहले भी मुंबई में ही पासपोर्ट फर्जीवाड़े के एक मामले में 2007 में गिरफ्तार किया गया था. मुंबई पुलिस के जोन-9 के डीसीपी परमजीत सिंह दहिया ने अखबार को बताया कि इस साल मार्च में जब मानव-तस्करी गिरोह से जुड़े 4 लोग पकड़े गए, तब पुलिस ने गहन छानबीन शुरू की और गिरोह का सरगना राजूभाई गमलेवाला पकड़ा गया. अब पुलिस ने पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 34 और मानव-तस्करी से जुड़ी धारा 373 के तहत मामला दर्ज किया है. गमलेवाला को जहां आगामी 18 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, वहीं उसके 4 अन्य साथी न्यायिक हिरासत में हैं.