मुम्बई: दक्षिण मुम्बई के नागपाड़ा इलाके में सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ सैकड़ों महिलाएं 26 जनवरी की रात से धरने पर बैठी हैं. दिल्ली के शाहीन बाग में भी इसी तरह पिछले महीने से प्रदर्शन जारी है. संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के खिलाफ हाथों में तख्तियां लिए और नारे लगाते हुए ये महिलाएं मोरलैंड मार्ग पर अरबिया होटल के बाहर रविवार देर रात से धरना दे रही हैं. Also Read - लड़की का पीछा करने पर कोर्ट ने 24 साल के युवक को 22 महीने की कड़ी सजा सुनाई

इनमें से अधिकतर महिलाएं मुस्लिम बहुल क्षेत्र मदनपुरा, झूला मैदान, अपरिपाड़ा और मध्य मुम्बई के कुछ इलाकों की निवासी हैं. एक अधिकारी ने सोमवार की सुबह बताया कि मुम्बई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अपील करने के बाद भी इन महिलाओं ने अपना आंदोलन वापस नहीं लिया है. महिलाओं के हाथ में मौजूद तख्तियों पर लिखा था, ‘हम सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ हैं’, ‘वे हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं, मेरे अस्तित्व का सम्मान करें या मेरा विरोध स्वीकार करें’. यहां हिंदू-मुस्लिम एकता तथा भाईचारे के नारे भी लगाए गए. Also Read - Video: Train को आता देख शख्‍स ने सुसाइड करने के लिए रेलवे ट्रैक पर चादर बिछाकर लेट गया, तभी RPF जवान ने बचा ली जान

नागपाड़ा पुलिस थाने की वरिष्ठ निरीक्षक शालिनी शर्मा ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की थी पुलिस से पहले अनुमति लें लेकिन महिलाओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया. दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास तथा शाहीन बाग में हजारों लोग सीएए और एनपीआर के खिलाफ 15 दिसंबर से धरना दे रहे हैं. प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. Also Read - Mukesh Ambani Family को नहीं मिली कोई धमकी भरी चिट्ठी, मुंबई पुलिस ने विस्‍फोटक से लदी स्‍कॉर्पियो के मालिक की पहचान की