नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मुद्दे पर फैसले को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक से पहले यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने बड़ा बयान दिया है. मोहसिन रजा ने कहा कि जब कोर्ट के फैसले को पूरे मुस्लिम समाज ने स्वीकार कर लिया है तो फिर इस तरह की बैठक का क्या औचित्य है. उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का भी आरोप लगाया है.

आपको बता दें कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के विवादित मुद्दे पर राम मंदिर के पक्ष में अपना फैसला सुनाया था. इसी बात को लेकर कुछ राजनीतिक पार्टियां लगातार बयानबाजी कर रही हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार इस फैसले के खिलाफ बयान बाजी करते हुए नजर आ रहे हैं. हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि उन्हें अपनी मस्जिद वापस चाहिए. AIMPLB कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार कर रही है और इसी को लेकर अयोध्या में बैठक बुलाई गई है.

मोहसिन रजा ने इस पर कहा कि अगर बैठक करनी ही थी तो देश में कई जगह हैं. यह बैठक दिल्ली या फिर हैदराबाद में भी हो सकती थी फिर इसे अयोध्या में ही क्यो रखा गया. उन्होंने सीधे तौर पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि संस्था देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है और अगर कुछ होता है तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा. उन्होंने ओवैसी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को बैरिस्टर कहते हैं, कहते हैं कि विदेश से पढ़कर आए हैं लेकिन वे मुसलमानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में हैदराबाद सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख के सांसद असदुद्दीन ओवैसी, मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद, आरिफ अकील, एआईएमपीएलबी बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना जलालुद्दीन उमरी, सदस्य आसमां ज़हरा, उमरैन महफूज़, महासचिव वली रहमानी, राबे हसन समेत कई बड़े मुस्लिम धर्मगुरू और नेता मौजूद हैं. हालांकि, सुन्नी वक्फ बोर्ड का कोई भी प्रतिनिधि बैठक में मौजूद नहीं है.

वहीं दूसरी तरफ अयोध्या विवादित भूमि मामले में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, कि हम कोर्ट के फैसले के साथ हैं और हम इस मसले के पक्षकार है हमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कोई क्या कह रहा है. उन्होंने कहा कि मैं पुनर्विचार याचिका नहीं डालूंगा.