लखनऊ. बकरीद पर की जाने वाली कुर्बानी के खिलाफ मुस्लिम समाज आगे आया है. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सदस्यों ने बकरीद के मौके पर कुर्बानी के नाम पर जानवरों को मारे जाने का कड़ा विरोध जताया है. विश्व संवाद केंद्र में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच यूपी के सह-संयोजक अधिवक्ता खुर्शीद आगा ने कहा, ‘बकरीद में कुर्बानी को लेकर समाज में अंधविश्वास फैला है, मुसलमान अपने आपको ईमान वाला तो कहता है, लेकिन वास्तव में अल्लाह की राह पर चलने से भ्रमित हो गया है.’Also Read - राम मंदिर निर्माण में शामिल हुआ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, शुरू की चंदा इकट्ठा करने की मुहिम

खुर्शीद आगा ने कुर्बानी का विरोध करते हुए प्रश्न उठाया है. उन्होंने पूछा कि अगर कुर्बानी जायज ही नहीं है तो फिर जानवरों की कुर्बानी क्यों दी जा रही है? उन्होंने आयोध्या में विवाद पर भी टिप्पणी की और कहा कि कुरान के अनुसार, जहां फसाद हो वहां नमाज अदा नहीं की जा सकती है तो फिर विवादित ढांचे की जगह मस्जिद कैसे बनाई जा सकती है? Also Read - बकरीद को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने जारी किए दिशानिर्देश: घर में अता करें नमाज, ऑनलाइन खरीदें बकरा

पूर्वी यूपी के मंच संयोजक ठाकुर राजा रईस ने कहा, ‘जब हजरत इब्राहिम द्वारा किसी जानवर की कुर्बानी नहीं दी गई तो फिर मुस्लिम समाज में बकरीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी क्यों दी जा रही है? बकरीद में जानवरों की कुर्बानी के नाम पर जानवरों का कत्ल हो रहा है, यह कुर्बानी नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘रसूल ने फरमाया है, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी अल्लाह की रहमत है, उन पर तुम रहम करोगे. अल्लाह की तुम पर रहमत बरसेगी.’ Also Read - Eid al-Adha 2018: सेलिब्रिटीज ने ऐसे किया 'ईद मुबारक', हिना खान, मोनालीसा से लेकर 'इलायची' का जुदा अंदाज, देखें 15 PHOTOS

संयोजक (अवध प्रांत) सैयद हसन कौसर ने गाय की कुर्बानी को हराम बताते हुए कहा, ‘तीन तलाक’ की तरह ही बकरीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी एक कुरीति है. हम सब 21वीं सदी में प्रवेश करने जा रहे हैं. इसलिए समाज को बुरी कुरीतियों से निकालना होगा.’