मुजफ्फरनगर: एक अदालत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े एक मामले के संबंध में अदालत में पेश नहीं होने पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान, वीएचपी नेता साध्वी प्राची , बीजेपी विधायक उमेश मलिक और दो अन्य के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए हैं. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकुर शर्मा ने गैरजमानती वारंट जारी करके आरोपियों से 22 जून को अदालत में पेश होने को कहा. बिजनौर सांसद भारतेंदु सिंह , उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा और विधायक संगीत सोम भी इस मामले में आरोपी हैं. अभियोजन ने कहा कि वे भी अदालत में पेश नहीं हुए थे. लेकिन अदालत ने सुनवाई में निजी उपस्थिति से छूट के उनके अनुरोध को स्वीकार किया. अभियोजन के अनुसार , आरोपियों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने , लोक सेवकों की ड्यूटी में बाधा डालने और दोषपूर्ण तरीके से रोकने के आरोप हैं. आरोपियों ने अगस्त 2013 के अंतिम सप्ताह में कथित रूप से महापंचायत में भाग लिया था और अपने भाषणों से हिंसा भड़काई थी.

131 मुकदमे वापस ले रही है योगी सरकार
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों पर दर्ज 131 मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 131 केसों में से 13 मामले हत्या के और 11 मामले हत्या के प्रयास के हैं. 2013 में मुजफ्फरनगर और शामली में भयंकर दंगे हुए थे और 500 से ज्यादा केस दर्ज किए गए थे. ज्यादातर केसों में आरोपियों को सात साल की सजा हो सकती थी. अखिलेश सरकार के दौरान हुए दंगे में करीब 60 लोगों की मौत हुई थी.

500 मुकदमे हुए थे दर्ज
पिछले साल ही योगी सरकार ने कानून विभाग से 131 केसों को वापस लेने के संबंध में कानूनी राय मांगी थी. दंगे में करीब 60 लोग मारे गए थे और सैकड़ों परिवार घर छोड़कर भाग गए थे. अखिलेश यादव के राज में हुए दंगे में विभिन्न पुलिस थानों में 1450 लोगों के खिलाफ 500 मुकदमे दर्ज हुए थे. इनमें दो दर्जन मामले धारा 302 यानि हत्या, धारा 307 यानि हत्या के प्रयास के थे.

कई बीजेपी नेताओं के नाम
131 केसों को वापस लेने के लिए कानूनी सलाह को लेकर योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर थी. राज्य के कानून विभाग ने 23 फरवरी 2018 को मुजफ्फरनगर और शामली के डीएम को पत्र लिखकर इन केसों की प्रगति और इन्हें हटाने को लेकर उनकी राय मांगी थी. बीजेपी सांसद संजीव बालियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने 131 केसों को वापस लेने की दिशा में अधिकारियों को निर्देश दिए थे. संजीव बालियान, बुढाना से बीजेपी विधायक उमेश मलिक, राज्य के गन्ना मंत्री सुरेश राना, सरधाना से बीजेपी विधायक संगीत सोम के खिलाफ दंगे के आरोप में केस दर्ज है. दंगे में केस दर्ज होने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष था.