कोहिमा: नगालैंड सरकार ने शुक्रवार को कुत्ते के मांस की बिक्री और सेवन पर रोक लगा दी. जानवरों के साथ क्रूरता को लेकर चिंताओं के बीच यह अहम फैसला है. राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री एन क्रोनू ने बताया कि कुत्तों के वाणिज्यिक आयात और व्यापार पर तथा कुत्ते के मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. यह रोक कुत्ते के पके हुए और कच्चे दोनों तरह के मांस पर लगी है. Also Read - लॉकडाउन के बीच राम मंदिर जश्न को लेकर पश्चिम बंगाल में कुछ जगह झड़प

सरकार के प्रवक्ता क्रोनू ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने यह निर्णय सेवन के लिए दूसरे राज्यों से कुत्तों को लाने के खतरों को देखते हुए और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के अनुरूप किया. Also Read - पश्चिम बंगाल में नक्सली हमला, सहारनपुर जिले के बीएसएफ जवान की मौत

उन्होंने बताया कि सरकार ने तत्काल प्रभाव से सूअरों के वाणिज्यिक आयात और व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के प्रकोप के बाद राज्य ने पहले ही सूअरों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था और मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी. Also Read - पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन की तारीखों में दूसरी बार हुआ बदलाव, जानिए क्या है राज्य सरकार का नया प्लान

पिछले कुछ दिनों से लगातार नागालैंड में कुत्तों के मांस के लिए बड़े पैमाने पर कुत्तों की अवैध रूप से तस्करी की जा रही थी. कुत्तों को बोरो में भरकर तस्करी को अंजाम दिया जा रहा था. सोशल मीडिया में इससे संबंधित फोटो जमकर वायरल हुई. इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया.

ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक पोस्ट के मुताबिक कुत्तों को कथित तौर पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) और असम की राज्य सीमाओं से नागालैंड (Nagaland) में अवैध रूप से ले जाया जा रहा था.

भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें कुत्तों का मुंह रस्सी से बंधा हुआ और उनका शरीर बोरे में बंद दिखाई दे रहा है. इस फोटो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा है- ‘इन कुत्तों को पिछले महीने की 26 तारीख को पश्चिम बंगाल से नागालैंड ले जाया जा रहा था ताकि इन्हें मांस के लिए बेचा जा सके.