नई दिल्ली. देश-विदेश में मशहूर हिमाचल प्रदेश का शिमला में स्थानीय लोगों को बीते दिनों जलसंकट का सामना करना पड़ा. इस दौरान पर्यटकों से अपील की गई कि वे या तो कुछ दिन शिमला न आएं या जो पर्यटक गर्मी की छुट्टियों में शिमला आना चाहते हैं, वे पानी बचाएं. शिमला की इस घटना के बाद कुछ ऐसा ही उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्यटक स्थल नैनीताल में भी हो रहा है. हालांकि शिमला की तरह यहां जलसंकट नहीं है, लेकिन यहां वाहनों के कारण जाम लग जाता है. इसलिए नैनीताल के अधिकारियों ने निजी वाहनों में आ रहे लोगों से आग्रह किया है कि वे अपनी गाड़ियों को शहर की सीमा के बाहर छोड़कर ही शहर में प्रवेश करें. शहर में विभिन्न स्थानों पर इस संबंध में ‘नैनीताल हाउसफुल’ के बैनर लगाए गए हैं.

कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने उठाया कदम
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शहर में यातायात की लचर व्यवस्था के लिए अधिकारियों को लताड़ा था. इसके बाद यह कदम उठाया गया है. अमूमन किसी भी शहर में जाने पर वहां ‘स्वागत’ के बोर्ड लगे होते हैं लेकिन नैनीताल के प्रमुख चौराहों और पर्यटन स्थलों पर ‘नैनीताल हाउसफुल’ के बैनर लगे हुए हैं. भीमताल चौराहा, काठगोदाम पुलिस चौकी चौराहा और नरीमन चौराहा पर ये बैनर लगे हुए हैं. नैनीताल के यातायात पुलिस के प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि ये बैनर कल लगाए गए क्योंकि अधिकारियों को यातायात को नियंत्रित करने में खासी मशक्कत हो रही है.

सरोवर नगरी के रूप में विख्यात नैनीताल में गर्मी के दिनों में बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं. (फोटोः फाइल)

सरोवर नगरी के रूप में विख्यात नैनीताल में गर्मी के दिनों में बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं. (फोटोः फाइल)

 

क्या लिखा है पुलिस ने
नैनीताल में जगह-जगह लगाए गए ‘नैनीताल हाउसफुल’ शीर्षक बैनर में पुलिस ने पर्यटकों को शहर के पार्किंग स्थलों के भरे होने की जानकारी दी है. इस बैनर में नैनीताल पुलिस की ओर से लिखा गया है, ‘सभी सैलानियों को सूचित किया जाता है कि सरोवर नगरी नैनीताल की सभी पार्किंग पूर्णतया फुल हो चुकी है. अतः आपसे अनुरोध है कि कोई भी वाहन नैनीताल की तरफ न ले जाएं.’ बता दें कि करीब 10 लाख की आबादी वाला यह शहर उत्तराखंड के कुमाउं डिविजन का मुख्यालय है. इसे भारत के ‘लेक डिस्ट्रिक्ट’ भी कहा जाता है. टूरिस्ट-सीजन के दौरान यहां सैलानियों के आने की तादाद काफी बढ़ जाती है. इस बार

पार्किंग से ज्यादा शहर में आ रही गाड़ियां
नैनीताल के ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि नैनीताल में 12 पार्किंग स्थल हैं, जिसमें कुल 2,000 चारपहिया वाहनों को रखा जा सकता है. लेकिन शहर में प्रतिदिन तीन से चार हजार वाहन आ रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश से सप्ताहांत में सैलानियों के आने पर यातायात की स्थिति नियंत्रण से बिल्कुल बाहर हो जा रही है. उन्होंने कहा, ‘ऐसी स्थिति में हमारे पास पर्यटकों से शहर की सीमा के बाहर वाहन छोड़कर आने का आग्रह करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.’ पर्यटकों के वाहनों को शहर के बाहरी इलाके कालाडुंगी, नारायण नगर, रूसी बायपास के पास अस्थायी तौर पर रोका जा रहा है.

(इनपुट – एजेंसी)