नई दिल्ली: महाराष्ट्र में विरोध के बावजूद अंतत: आम सहमति से अध्यक्ष बनने का रास्ता आज रविवार को खुल गया. विपक्षी दल बीजेपी ने अनुरोध के बाद अपने कैंडिडेट की उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है. इसके बाद कांग्रेस विधायक व महा विकास अघाडी के उम्मीदवार नाना पटोले का विधानसभा अध्यक्ष के पद पर निर्विरोध चुने जाने का रास्ता तय हो गया है. अब महज घोषणा और पदभार ग्रहण करने की औपचारिकता बची है.
बता दें कि पटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, पटोले का विधायक के तौर पर यह चौथा कार्यकाल है. एक बार वह बीजेपी से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं.
आज विशेष सत्र शुरू होने के पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी. सत्तारूढ़ दलों और अन्य विधायकों ने अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध करने की बात कही, तो विपक्षी पार्टी भाजपा इस पर तैयार हो गई और उसने अपने उम्मीदवार की वापसी की घोषणा कर दी. इसके बाद भाजपा उम्मीदवार किशन कथोरे ने रविवार को अपना नामांकन वापस ले लिया है. नामांकन वापस लेने की समयसीमा रविवार को सुबह दस बजे तक थी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पहले बीजेपी ने किसन कथोरे का नॉमिनेशन किया था, लेकिन उकसाने वालों के निवेदन करने पर हमने कथोरे की उम्मीदवारी वापस करने का फैसला किया है.
Chandrakant Patil, Maharashtra BJP President: BJP had nominated Kisan Kathore for the post of Maharashtra Assembly Speaker, yesterday. But, after incumbents’ request, we have decided to withdraw Kathore’s candidature. pic.twitter.com/jQiOvd1PUB
— ANI (@ANI) December 1, 2019
एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा, पहले विपक्ष ने विधानसभा स्पीकर के पद के लिए नॉमिनेशन किया था, लेकिन अन्य विधायकों के निवेदन और सदन की मर्यादा रखने के लिए, उन्होंने (बीजेपी) ने नाम वापस ले लिया है. अब स्पीकार का चुनाव निर्विरोध होगा.
Chagan Bhujbal, NCP on Maharashtra Assembly Speaker Election: Earlier, Opposition also filled form for the post of Assembly Speaker, but after request by other MLAs and to keep dignity of Assembly intact, they have taken back the name. Now, election of Speaker to happen unopposed pic.twitter.com/V1FUeThMnK
— ANI (@ANI) December 1, 2019
शनिवार को उद्धव ठाकरे की सरकार महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण में सफल हुई थी. सरकार के पक्ष में 169 विधायकों ने मतदान किया, जबकि भाजपा के 105 विधायक सदन से वॉक आउट किया था. राज्य की विधानसभा में 288 सदस्य हैं.
सत्तारूढ़ गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के नाना पटोले को उम्मीदवार बनाया. पटोले भंडारा जिले की साकोली विधानसभा से विधायक हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पटोले बीजेपी से लोकसभा सदस्य रहे हैं.
पटोले ने 2017 में किसानों के मुद्दे पर बीजेपी की मोदी सरकार से नाराजगी चलते सांसद से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए. इसके बाद पटले इसी लोकसभा चुनाव में नागपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव में उतरे थे. हालाकि, वह उन्हें पराजय मिली.
बता दें पटोले ने 2014 के संसदीय चुनावों में भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट से एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल को बड़े अंतर लगभग 1.50 लाख वोटों से हराया था. राज्य में 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में बीजेपी ने 105, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
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